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बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर ने लगाई फांसी, पार्टी दफ्तर में फंदे से लटका मिला शव, सुसाइड नोट में छलकी बेबसी

घटनास्थल से रामपुरहाट थाना पुलिस को एक पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिससे राज्य की राजनीति में खलबली मच गई है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनक...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sun, 16 Aug 2026 09:31:40 AM (IST)Updated Date: Sun, 16 Aug 2026 09:31:40 AM (IST)
बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर ने लगाई फांसी, पार्टी दफ्तर में फंदे से लटका मिला शव, सुसाइड नोट में छलकी बेबसी
बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी ने लगाई फांसी

HighLights

  1. बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी ने लगाई फांसी
  2. सुसाइड नोट में लिखा- राजनीति में आना मेरी सबसे बड़ी भूल
  3. बेदाग छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिशों का किया जिक्र

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आशीष बनर्जी का शव रविवार सुबह रामपुरहाट में उनके आवास के करीब स्थित पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका हुआ पाया गया। आशीष बनर्जी साल 2001 से 2026 तक लगातार पांच बार रामपुरहाट सीट से विधायक रहे थे और राज्य के पूर्व डिप्टी स्पीकर का पद भी संभाल चुके थे। हालिया विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा के उम्मीदवार ध्रुव साहा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

सुसाइड नोट में छलका दर्द

घटनास्थल से रामपुरहाट थाना पुलिस को एक पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिससे राज्य की राजनीति में खलबली मच गई है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मौत के लिए कोई अन्य व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने लिखा कि जीवन के इस मोड़ पर उन्हें महसूस हो रहा है कि राजनीति के मैदान में कदम रखना उनकी सबसे बड़ी भूल थी। पेशे से शिक्षक रहे बनर्जी ने लिखा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में कभी कोई अवैध कमाई नहीं की और हमेशा छात्र-छात्राओं को फ्री शिक्षा दी।


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अपमान और अलगाव का लगाया आरोप

पत्र में उन्होंने तारापीठ रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी (TRDA) में खुद को हाशिए पर धकेले जाने और अपनी बेदाग छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिशों का जिक्र किया। उन्होंने गहरा दुख व्यक्त करते हुए लिखा कि भ्रष्टाचार से पूरी तरह दूर रहने के बावजूद उन्हें अपमानित होना पड़ा।

हताश होकर उन्होंने अपने परिजनों और आने वाली पीढ़ियों को भविष्य में कभी भी राजनीति में शामिल न होने की नसीहत दी है। रामपुरहाट पुलिस ने उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही सुसाइड नोट को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।