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पीएम किसान से लेकर समुद्र मंथन तक... कई बड़ी योजनाओं को मिली मंजूरी, मोदी कैबिनेट ने लिए कई अहम फैसले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के विकास, ऊर्जा सुरक्षा, खेल जगत और कृषि क्षेत्र को रफ्तार देने ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Fri, 31 Jul 2026 05:26:23 PM (IST)Updated Date: Fri, 31 Jul 2026 05:26:23 PM (IST)
पीएम किसान से लेकर समुद्र मंथन तक... कई बड़ी योजनाओं को मिली मंजूरी, मोदी कैबिनेट ने लिए कई अहम फैसले
मोदी कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए।

HighLights

  1. PM-किसान योजना 5 साल बढ़ी, ₹3.15 लाख करोड़ बजट के साथ 2031 तक जारी
  2. सौर ऊर्जा और खेल प्रोत्साहन, ₹5,070 करोड़ से सूर्य सरोवर और खेलो इंडिया मंजूर
  3. ऊर्जा सुरक्षा हेतु समुद्र मंथन, ₹84,084 करोड़ से अपतटीय तेल-गैस खोज को बढ़ावा

डिजिटल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के विकास, ऊर्जा सुरक्षा, खेल जगत और कृषि क्षेत्र को रफ्तार देने के लिए कई दूरगामी और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के विस्तार, 'प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना' की शुरुआत, पुनर्गठित 'खेलो इंडिया' योजना तथा अपतटीय अन्वेषण के लिए 'समुद्र मंथन' राष्ट्रीय योजना को हरी झंडी दे दी है। इन फैसलों का मुख्य लक्ष्य किसानों को आर्थिक मजबूती देना, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना, खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना और देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करना है।

पीएम किसान सम्मान निधि योजना को 2030-31 तक विस्तार

मंत्रिमंडल ने 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' (PM-KISAN) योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2030-31 तक जारी रखने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस अवधि के लिए सरकार ने 3,15,614 करोड़ रुपये का भारी-भरकम वित्तीय प्रावधान तय किया है। फरवरी 2019 में शुरू हुई इस योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की वित्तीय मदद 2,000-2,000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे बैंक खातों (DBT) के जरिए दी जाती है। अब तक इस योजना के माध्यम से 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल मिलने के साथ कृषि उत्पादकता में बढ़ोतरी होगी।


केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PM-KISAN योजना को 2026–27 से 2030–31 तक जारी रखने को मंज़ूरी दी

◾️योजना के लिए ₹3.15 लाख करोड़ के कुल वित्तीय परिव्यय को मंज़ूरी दी गई है।

◾️पिछले 5 वर्षों में किसानों को लगभग 3.10 लाख करोड़ रुपये का लाभ दिया जा चुका है

-केंद्रीय मंत्री @AshwiniVaishnaw… pic.twitter.com/xAY7hlGPwS

— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) July 31, 2026

5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर के लिए 'सूर्य योजना'

स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कैबिनेट ने 5,070 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन के साथ 'प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना' (PM-SSY) को मंजूरी प्रदान की है। इस योजना के अंतर्गत जलाशयों पर कुल 5,000 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक प्रोजेक्ट्स विकसित किए जाएंगे, जिनके साथ कम से कम 10,000 MWh क्षमता की एनर्जी स्टोरेज प्रणाली भी स्थापित होगी। परियोजनाओं की स्वीकृति 2026-27 से 2030-31 के बीच होगी और वित्तीय सहायता 2032-33 तक जारी रखी जाएगी। चालू होने वाले प्रोजेक्ट्स को प्रति मेगावाट 1 करोड़ रुपये की केंद्रीय मदद दी जाएगी।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एनर्जी स्टोरेज सिस्टम से युक्त फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक प्रोजेक्ट्स के विकास के लिए प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को मंज़ूरी दी

◾️इस योजना का लक्ष्य कम से कम 10,000 MWh स्टोरेज क्षमता वाले एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के साथ 5,000 MW के फ्लोटिंग सोलर PV… pic.twitter.com/xLnejvwohs

— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) July 31, 2026

36,441 करोड़ रुपये के साथ नए स्वरूप में 'खेलो इंडिया'

देश में खेल संस्कृति को नया आयाम देने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए 36,441 करोड़ रुपये के कुल बजट के साथ संशोधित 'खेलो इंडिया' योजना को स्वीकृति दी है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSFs) को प्रदान की जाने वाली सहायता व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। इसका उद्देश्य एथलीटों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, बेहतर खेल अवसंरचना और खेल निकायों को वित्तीय सहयोग देकर वैश्विक स्तर पर भारत का प्रदर्शन सुधारना है।

▪️केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2026–31 की अवधि के लिए सुदृढ़ 'नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन्स' (ANSF) योजना को मंज़ूरी दी है

▪️यह योजना वित्त वर्ष 2026–27 से 2030–31 की अवधि के लिए लागू की जाएगी

▪️योजना के तहत खिलाड़ियों की पहचान से लेकर प्रशिक्षण तक एक मज़बूत और व्यवस्थित खेल… pic.twitter.com/tBB3gVnKAe

— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) July 31, 2026

'समुद्र मंथन' योजना से बदलेगी ऊर्जा सुरक्षा

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत 'समुद्र मंथन' राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को 84,084 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान के साथ मंजूरी मिली है, जो 2030-31 तक लागू रहेगी। इस योजना का उद्देश्य गहरे व अति-गहरे समुद्र में तेल एवं प्राकृतिक गैस के नए भंडारों की खोज तथा उत्पादन को बढ़ाना है। अनुमान है कि इससे 600 मिलियन मीट्रिक टन ऑयल इक्विवेलेंट से अधिक के नए भंडार मिल सकते हैं। इसके तहत एडवांस्ड सीस्मिक डेटा कलेक्शन, वैज्ञानिक ड्रिलिंग और एकीकृत ऑयल एंड गैस मैन्युफैक्चरिंग जोन तैयार किए जाएंगे।

कैबिनेट ने ₹84,084 करोड़ की 'समुद्र मंथन' (राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना) को दी मंजूरी।

योजना के दो प्रमुख घटक:

✴️ भूकंपीय (सीस्मिक) डेटा का संग्रहण, प्रसंस्करण एवं व्याख्या

✴️ अपतटीय अन्वेषण में तेजी, साझा अवसंरचना एवं विनिर्माण सहायता

-- केंद्रीय मंत्री @AshwiniVaishnaw… pic.twitter.com/WjGxtwU6j8

— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) July 31, 2026

यह भी पढ़ें- करोड़ों किसानों को सरकार का बड़ा तोहफा, 5 और सालों के लिए बढ़ी PM-किसान योजना, खातों में पहुंचेंगे ₹3.15 लाख करोड़

रोजगार सृजन और 'आत्मनिर्भर भारत' को मिलेगा बल

सरकार के अनुसार, 'समुद्र मंथन' योजना से अपतटीय (Offshore) तेल व गैस खोज गतिविधियों में भारी तेजी आएगी, जिससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटेगी। इससे न केवल घरेलू उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। डिजिटल प्रोग्राम मैनेजमेंट, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और नई तकनीकों के समावेश से यह योजना 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को मजबूत करेगी।