
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एक ऐसा गांव जहां के युवाओं के सिर पर सरकारी नौकरी का जुनून इस कदर सवार है कि आज हर दूसरे घर से कोई न कोई देश की सेवा में जुटा है। करीब 18 हजार की आबादी वाले इस गांव ने शिक्षा और मेहनत के दम पर एक ऐसी मिसाल कायम की है, जिसे आज पूरा प्रदेश सलाम करता है।
इस गांव की कामयाबी का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि यहां वर्तमान में करीब 500 सरकारी कर्मचारी अलग-अलग विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, देश की सरहद की हिफाजत के लिए भी इस गांव ने 50 जांबाज जवान सेना को दिए हैं, जबकि 50 से अधिक रिटायर्ड फौजी गांव की शान बढ़ा रहे हैं।
सरकारी नौकरियों और प्रशासनिक सेवाओं का गढ़ बन चुके इस अनोखे गांव का नाम है 'नहला'। यह गांव हरियाणा के फतेहाबाद जिले में स्थित है। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि इस जगह का इतिहास बेहद दिलचस्प है। मान्यता है कि यहां स्थित बाबा तीर्थनाथ के पवित्र तालाब में स्नान करने और उसका पानी पीने से लोग 'निहाल' (संतुष्ट और धन्य) हो जाते थे। इसी 'निहाल' शब्द से बदलते-बदलते इस गांव का नाम 'नहला' पड़ गया। आज यह गांव अपने नाम की तरह ही शिक्षा के मामले में भी सबका 'नहला' साबित हो रहा है।
नहला गांव की तकदीर बदलने की कहानी साल 1967 के विधानसभा चुनावों से शुरू होती है। उस समय बड़ोपल हलके से गांव के मेहरचंद बैनीवाल ने चुनाव जीता। इस जीत के बाद पूरे गांव में एक नई राजनीतिक और सामाजिक जागरूकता आई। युवाओं का ध्यान राजनीति के साथ-साथ शिक्षा की तरफ तेजी से बढ़ा।
नतीजा यह हुआ कि इस गांव ने देश को एक से बढ़कर एक बड़े प्रशासनिक अधिकारी दिए...
7600 वोटर्स वाले इस गांव के विकास में यहां की पंचायतों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। ग्राम पंचायत के पास अपनी 35 एकड़ जमीन है। सरपंच धनपत से शुरू हुआ विकास का यह सिलसिला वर्तमान सरपंच कृष्ण ढिल्लों तक लगातार जारी है। गांव में आज तमाम आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जैसे...
सुविधाओं के अलावा यह गांव अपनी अनूठी आस्था के लिए भी जाना जाता है। ग्रामीणों का दावा है कि बाबा तीर्थनाथ मंदिर के ऐतिहासिक तालाब के पास खड़ा करीब 300 साल पुराना हरा झंड आज भी जस का तस हरा-भरा खड़ा है। खेल की दुनिया में भी पहलवान दाना और खिलाड़ी सुरेश कुमार ने इस गांव का नाम प्रदेश स्तर पर चमकाया है।
यह भी पढ़ें- एमपी के 6 जिलों के 2781 गांव का होगा विकास, उज्जैन-इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन का हुआ गजट नोटिफिकेशन
अपनी इस कामयाबी को और आगे बढ़ाने के लिए अब नहला गांव के लोग सरकार से लड़कियों के लिए एक नया कॉलेज, टेक्निकल इंस्टीट्यूट और बेहतर सड़कों की मांग कर रहे हैं, ताकि नौकरियों के इस गढ़ की बेटियां भी और ऊंची उड़ान भर सकें।