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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध घुसपैठ और अन्य अप्राकृतिक कारणों से हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तन (Demographic Change) को देश के वर्तमान और भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बताया है। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एक हाई-लेवल कमेटी का औपचारिक गठन कर दिया है, जो देश में अवैध प्रवासियों के कारण बदलती आबादी के पैटर्न का बारीकी से विश्लेषण करेगी।
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई घोषणा के तहत ‘High-Level Committee on Demographic Change’ का गठन कर लिया गया है। इस उच्च-स्तरीय समिति की रूपरेखा इस प्रकार है:
गृह मंत्री के अनुसार, अप्राकृतिक जनसांख्यिकीय बदलाव हमारी राष्ट्रीय संप्रभुता, देश की सुरक्षा, कानून व्यवस्था, सामाजिक ताने-बाने और खासकर जनजातीय (आदिवासी) समाज के संरक्षण के लिहाज से एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है। यह नवनियुक्त कमेटी निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर काम करेगी:
इस हाई-लेवल कमेटी की नींव पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर ही रख दी गई थी। 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को अवैध प्रवासियों से होने वाले खतरों के प्रति सचेत किया था और एक विशेष 'डेमोग्राफिक मिशन' की घोषणा की थी।
पीएम मोदी ने तब कहा था: "मैं राष्ट्र को एक गंभीर चुनौती के बारे में सचेत करना चाहता हूं। एक सोची-समझी साजिश के तहत देश की जनसांख्यिकी को बदला जा रहा है, और एक नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं। ये घुसपैठिए मेरे देश के युवाओं की रोजी-रोटी छीन रहे हैं। वे हमारी बहनों और बेटियों को निशाना बना रहे हैं। वे आदिवासियों को गुमराह कर रहे हैं और उनकी जमीनें हड़प रहे हैं। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
प्रधानमंत्री के इसी विजन को अमलीजामा पहनाते हुए अब गृह मंत्रालय ने इस 'उच्च-शक्ति वाले जनसांख्यिकी मिशन' को धरातल पर उतार दिया है, ताकि भारत के नागरिकों की एकता, अखंडता और अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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