लद्दाख में भारतीय सेना का चीता हेलीकॉप्टर क्रैश, तीन अधिकारी घायल; वायरल हुई सेल्फी
Army Helicopter Crash: लद्दाख के लेह के पास तांगत्से क्षेत्र में भारतीय सेना का चीता हेलीकॉप्टर 20 मई को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 23 May 2026 01:29:47 PM (IST)Updated Date: Sat, 23 May 2026 01:44:42 PM (IST)
लेह के पास पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ सेना का चीता हेलीकॉप्टर (फोटो- सोशल मीडिया एक्स)HighLights
- लेह के तांगत्से क्षेत्र में सेना हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ
- हादसे में तीनों सेना अधिकारी घायल होकर सुरक्षित बच गए
- मेजर जनरल सचिन मेहता हेलीकॉप्टर में यात्री के रूप में मौजूद
डिजिटल डेस्क। भारतीय सेना का एक चीता हेलीकॉप्टर 20 मई को लद्दाख के लेह के पास तांगत्से क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त (Ladakh Helicopter Crash) हो गया। पहाड़ी इलाके में हुए इस हादसे में सेना के तीन वरिष्ठ अधिकारी घायल हो गए। हालांकि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सभी की जान बच गई, जिसे सेना से जुड़े सूत्र चमत्कारिक बचाव मान रहे हैं।
हेलीकॉप्टर में सवार थे तीन अधिकारी
जानकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर सेना के पुराने चीता बेड़े का हिस्सा था। हेलीकॉप्टर में एक लेफ्टिनेंट कर्नल, एक मेजर और 3rd Infantry Division के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल सचिन मेहता सवार थे।
लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर हेलीकॉप्टर उड़ा रहे थे, जबकि मेजर जनरल सचिन मेहता यात्री के रूप में मौजूद थे। हादसे में तीनों अधिकारियों को चोटें आई हैं।
हादसे के बाद वायरल हुई सेल्फी
दुर्घटना के बाद मेजर जनरल सचिन मेहता की अन्य दो अधिकारियों के साथ ली गई एक सेल्फी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीर में तीनों अधिकारी क्षतिग्रस्त हेलीकॉप्टर के पास पहाड़ी चट्टानों पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। कठिन पहाड़ी इलाके और पुराने हेलीकॉप्टर के बावजूद अधिकारियों का सुरक्षित बचना चर्चा का विषय बना हुआ है।
चीता हेलीकॉप्टर की सुरक्षा पर फिर सवाल
इस हादसे के बाद चीता हेलीकॉप्टर की सुरक्षा और तकनीकी स्थिति को लेकर फिर बहस शुरू हो गई है। 1970 के दशक से सेवा में मौजूद ये हेलीकॉप्टर 1984 के ऑपरेशन मेघदूत में भी इस्तेमाल किए गए थे।
पिछले कुछ वर्षों में चीता हेलीकॉप्टर कई दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं, जिनमें कई पायलटों की जान भी गई है। सेना अब धीरे-धीरे इस पुराने बेड़े को हटाकर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित स्वदेशी Light Utility Helicopter (LUH) शामिल कर रही है। घटना के कारणों की जांच के लिए आधिकारिक जांच के आदेश दिए गए हैं।