'आपने ही क्लीयरेंस दी थी, अब गोली चला रहे...', होर्मुज में गोलीबारी से मची अफरा-तफरी, SOS ऑडियो आया सामने
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी गनबोट्स की गोलीबारी के बाद भारतीय झंडे वाले दो टैंकर वापस लौट गए। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 19 Apr 2026 01:50:26 PM (IST)Updated Date: Sun, 19 Apr 2026 02:02:29 PM (IST)
ईरानी गोलीबारी के बाद भारतीय टैंकर लौटे सुरक्षितHighLights
- किसी के घायल होने की खबर नहीं मिली
- टैंकर से संकट संदेश ऑडियो सामने आया
- विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजदूत को तलब किया
डिजिटल डेस्क: होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी गनबोट्स द्वारा की गई गोलीबारी के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। इस घटना के बाद भारतीय झंडे वाले दो तेल टैंकरों को वापस लौटना पड़ा। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है, जहां से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल और गैस गुजरता है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण यह क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील बना हुआ है।
भारतीय टैंकरों की सुरक्षित वापसी
सूत्रों के अनुसार, गोलीबारी की इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और जहाजों को भी कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि, सुरक्षा को देखते हुए दोनों टैंकरों ने अपनी यात्रा रोक दी और वापस लौट गए। प्रभावित जहाजों में ‘सरमार हेराल्ड’ और ‘जग अर्णव’ शामिल हैं।
संकट संदेश का ऑडियो आया सामने
घटना के दौरान ‘सरमार हेराल्ड’ टैंकर से एक संकट संदेश रिकॉर्ड हुआ, जो अब सामने आया है। करीब 30 सेकेंड के इस ऑडियो में जहाज का क्रू ईरानी नौसेना से संपर्क करने की कोशिश करता सुनाई देता है।
ऑडियो में कहा गया, “सेपाह नेवी, सेपाह नेवी, यह मोटर टैंकर सनमार हैराल्ड है। आपने मुझे आगे बढ़ने की मंजूरी दी थी। आपकी सूची में मेरा नाम दूसरे नंबर पर है। आप अभी गोलीबारी कर रहे हैं, कृपया मुझे वापस लौटने दें।”
यह ऑडियो ‘टैंकर ट्रैकर’ नामक एक समुद्री खुफिया फर्म द्वारा साझा किया गया है, जो जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखती है।
ग्रीन एरिया में मौजूद था जहाज
अमेरिकी प्रसारक NBC की रिपोर्ट के अनुसार, घटना के समय टैंकर जलडमरूमध्य के ग्रीन एरिया में था। जानकारी के मुताबिक, पूर्व की ओर बढ़ते समय टैंकर ने अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम बंद कर दिया था, जिसे बाद में पूर्वी छोर पर पहुंचकर दोबारा चालू किया गया।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
इस गंभीर घटना के बाद भारत सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ईरानी राजदूत को तलब किया। विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए व्यापारिक जहाजों और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
विदेश मंत्रालय ने यह भी याद दिलाया कि ईरान पहले भारत आने वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करता रहा है। ऐसे में भारत ने ईरान से आग्रह किया है कि वह इस व्यवस्था को जल्द से जल्द बहाल करे और जलडमरूमध्य से गुजरने वाले भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
ईरान का आश्वासन
भारतीय पक्ष की चिंताओं को सुनने के बाद ईरानी राजदूत ने आश्वासन दिया है कि वे इन मुद्दों को अपने अधिकारियों तक पहुंचाएंगे। भारत ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी और समुद्री व्यापार सुरक्षित तरीके से जारी रह सकेगा।