पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने मंत्रिमंडल किया भंग, अब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहीं
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। राज्य विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होते ही राज्यपाल आर.एन. रवि ने पूरी कैबिनेट को भंग करने का ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 07 May 2026 08:44:05 PM (IST)Updated Date: Thu, 07 May 2026 08:46:34 PM (IST)
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री नहीं रहीं ममता बनर्जीHighLights
- बंगाल विधानसभा भंग, ममता बनर्जी अब मुख्यमंत्री नहीं
- राज्यपाल ने अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत लिया फैसला
- 15 साल बाद बंगाल में ममता सरकार का कार्यकाल खत्म
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। राज्य विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होते ही राज्यपाल आर.एन. रवि ने पूरी कैबिनेट को भंग करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इस फैसले के साथ ही ममता बनर्जी का मुख्यमंत्री पद का कार्यकाल भी संवैधानिक रूप से समाप्त हो गया है।
राज्यपाल ने संवैधानिक शक्तियों का किया प्रयोग
गुरुवार, 7 मई को राजभवन से जारी अधिसूचना (नोटिफिकेशन) के अनुसार, राज्यपाल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए विधानसभा को भंग किया। 'कोलकाता गजट' में प्रकाशित इस आदेश पर मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला के हस्ताक्षर हैं। विधानसभा भंग होने के साथ ही राज्य में पिछले 15 वर्षों से चला आ रहा तृणमूल कांग्रेस (TMC) का शासन समाप्त हो गया है।
इस्तीफे पर खींचतान के बीच फैसला
विधानसभा भंग होने से पहले राज्य में भारी सियासी ड्रामा देखने को मिला। खबरों के अनुसार, ममता बनर्जी ने स्वेच्छा से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। इस गतिरोध के बीच राज्यपाल ने संवैधानिक अनिवार्यताओं को देखते हुए कैबिनेट और विधानसभा को भंग करने का कड़ा फैसला लिया।
15 साल के कार्यकाल पर विराम
ममता बनर्जी वर्ष 2011 से लगातार पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज थीं और तीन बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुकी थीं। उनके शासनकाल को आक्रामक राजनीति, विभिन्न विकास योजनाओं और कई बड़े विवादों के लिए याद किया जाएगा। अब राज्य में विधानसभा भंग होने के बाद नई शासन व्यवस्था और चुनाव की दिशा में प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।