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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। साउथ मुंबई में पिछले महीने हुई अब्दुल्ला दोकाडिया और उनके परिवार की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। फॉरेंसिक जांच में मृतकों के शरीर में जिंक फॉस्फाइड (Zinc Phosphide) नामक घातक रसायन पाया गया है। यह वही जहरीला पदार्थ है जिसका उपयोग आमतौर पर चूहे मारने की दवा बनाने में किया जाता है।
पुलिस जांच के अनुसार, 25 अप्रैल को अब्दुल्ला दोकाडिया के घर पर दावत थी। परिवार ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर मटन पुलाव खाया था। रात करीब 10:30 बजे रिश्तेदारों के जाने के बाद, परिवार ने रात 1 बजे तरबूज खाया। सुबह 5 बजे से सभी की तबीयत बिगड़ने लगी और अस्पताल ले जाते समय अब्दुल्ला, उनकी पत्नी नसरीन और दो बेटियों जैनब व आयशा की मौत हो गई।
शुरुआत में इसे सामान्य फूड पॉइजनिंग का मामला मानकर जांच की जा रही थी, लेकिन फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे हैं।
जांच में अब्दुल्ला दोकाडिया के शरीर में मॉर्फिन (एक शक्तिशाली दर्द निवारक) के अंश भी मिले हैं। अब पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि यह दवा उनके शरीर में कैसे पहुंची।
साथ ही, पुलिस उन रिश्तेदारों के बयानों की भी गहनता से जांच कर रही है जिन्होंने उसी रात मटन पुलाव खाया था, क्योंकि उनकी सेहत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि तरबूज में जहर गलती से पहुंचा या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है। अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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