'अगले साल से कंप्यूटर बेस्ड होगा NEET एग्जाम', शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बोले- अब गड़बड़ी नहीं होगी
नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बाद एनटीए ने परीक्षा 21 जून को कराने का फैसला लिया है। सरकार ने छात्रों के हित और निष्पक्ष परीक्षा का भरोसा दिया। ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 15 May 2026 11:51:17 AM (IST)Updated Date: Fri, 15 May 2026 01:23:25 PM (IST)
मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी को लेकर बड़ा फैसला लिया है।HighLights
- नीट-यूजी की परीक्षा अब 21 जून को आयोजित होगी।
- पेपर लीक शिकायतों के बाद सरकार ने जांच शुरू की।
- कई राज्यों में फैले नेटवर्क की एजेंसियां जांच कर रहीं।
एजेंसी, दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पेपर लीक के आरोपों और देशभर में छात्रों के विरोध के बाद अब NEET-UG की परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि अगले साल से NEET एग्जाम कंप्यूटर बेस्ड होगा। छात्रों के भविष्य और परीक्षा की पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस फैसले के बाद लाखों छात्रों को दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी होगी।
छात्रों के भविष्य को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की मेहनत और उनके सपनों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि किसी भी योग्य छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करना है।
शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच
- शिक्षा मंत्री ने बताया कि नीट परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। इसके बाद 7 मई तक एनटीए की शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से कई शिकायतें सामने आईं। छात्रों और अभिभावकों ने आरोप लगाया कि कथित ‘गेस पेपर’ में दिए गए कुछ प्रश्न मुख्य प्रश्नपत्र से मेल खाते थे।
- इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एनटीए, उच्च शिक्षा विभाग और केंद्र सरकार ने तत्काल प्रारंभिक जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे संबंधित जांच एजेंसियों को सौंपा गया।
कई राज्यों में फैला था मामला
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला दो से तीन राज्यों तक फैला हुआ नजर आया। इसके बाद संबंधित राज्यों की जांच एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि 7 मई की रात से ही जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई थी और लगातार कार्रवाई जारी रही।
शिक्षा माफियाओं पर सरकार सख्त
- शिक्षा मंत्री ने कहा कि 8 से 11 मई के बीच चली जांच में यह स्पष्ट हो गया कि ‘गेस पेपर’ के नाम पर वास्तव में पेपर लीक हुआ था। इसके बाद 12 मई को सरकार ने छात्रों के हित में कड़ा फैसला लिया।
- उन्होंने कहा कि शिक्षा माफियाओं की साजिश या अनुचित साधनों से किसी अयोग्य उम्मीदवार को फायदा नहीं मिलने दिया जाएगा। सरकार ने साफ किया कि परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। अब 21 जून को फिर से होने वाली परीक्षा पर देशभर के लाखों छात्रों की नजरें टिकी हुई हैं।