
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पड़ोसी देश नेपाल और उससे सटे हिमालयी सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी प्राकृतिक आपदा और विनाशकारी बाढ़ के कारण स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने जानकारी साझा करते हुए बताया है कि इस आपदा के बाद नेपाल में करीब 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क टूट गया है, जबकि चीन (तिब्बत) सीमा के पास लगभग 200 अन्य भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, संपर्क से बाहर हुए लोगों में नेपाल घूमने गए भारतीय पर्यटकों के अलावा वहां विभिन्न परियोजनाओं में कार्यरत मजदूर और कर्मचारी शामिल हैं। राहत की बात यह है कि कैलाश मानसरोवर की धार्मिक यात्रा पर गए तमिलनाडु के 21 भारतीय श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने फंसे हुए भारतीय नागरिकों के मुख्य समूहों का विवरण साझा करते हुए बताया कि प्रभावित लोगों में...
भारतीयों के हताहत होने के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि वहां परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और अनिश्चितता बनी हुई है, इसलिए मौतों के सटीक आंकड़ों की अभी पुष्टि नहीं की जा सकती।
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वहीं नेपाली प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, इस भयानक बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 289 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 826 लोग लापता हैं। दूसरी ओर, तिब्बत क्षेत्र में 3 लोगों की मौत और 558 लोगों के गायब होने की सूचना है। नेपाल में दर्जनों पुल ध्वस्त हो चुके हैं तथा लगभग 40 किलोमीटर लंबी सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे राहत एवं बचाव कार्य चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।