अब टिकट खिड़की का झंझट खत्म! रेलवे का 40 साल पुराना रिजर्वेशन सिस्टम होगा अपग्रेड, बुकिंग होगी और भी आसान
रेल मंत्रालय ने अपने यात्री आरक्षण सिस्टम (Passenger Reservation System) को पूरी तरह आधुनिक बनाने का फैसला किया है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 10 May 2026 03:59:28 PM (IST)Updated Date: Sun, 10 May 2026 03:59:28 PM (IST)
ऑनलाइन टिकट बुकिंग में नया कीर्तिमान। (AI से जेनरेट की गई इमेज)HighLights
- ऑनलाइन टिकट बुकिंग में नया कीर्तिमान
- देश की 88% टिकट बुकिंग अब ऑनलाइन
- रेल मंत्री ने दिए सिस्टम अपग्रेड के निर्देश
डिजिटल डेस्क। भारतीय रेलवे अपने दशकों पुराने रिजर्वेशन सिस्टम को पूरी तरह बदलने की तैयारी कर रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस 'मेगा अपग्रेड' को लेकर रेल भवन में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सिस्टम अपडेट के दौरान यात्रियों को रत्ती भर भी असुविधा नहीं होनी चाहिए।
भारतीय रेलवे अब 1986 के दौर की तकनीक को अलविदा कहकर भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार हो रहा है। रेल मंत्रालय ने अपने यात्री आरक्षण सिस्टम (Passenger Reservation System) को पूरी तरह आधुनिक बनाने का फैसला किया है। पिछले 40 वर्षों से चल रहे इस सिस्टम में अब तक केवल छोटे-मोटे पैचवर्क किए गए थे, लेकिन अब इसे नई पीढ़ी की तकनीक के साथ रिबिल्ड किया जा रहा है।
खिड़कियों से मोबाइल तक का सफर
- रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, यात्रियों के व्यवहार में क्रांतिकारी बदलाव आया है। 2002 में शुरू हुई इंटरनेट बुकिंग अब भारतीय रेलवे की लाइफलाइन बन चुकी है।
- वर्तमान में देश की कुल 88% टिकट बुकिंग ऑनलाइन माध्यमों से हो रही है।
- रेलवे काउंटरों (टिकट खिड़कियों) पर निर्भरता अब न्यूनतम रह गई है, जिससे डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करना अनिवार्य हो गया है।
RailOne ऐप: एक साल में 3.5 करोड़ डाउनलोड्स का कीर्तिमान
पिछले साल जुलाई में लॉन्च हुए रेलवे के आधिकारिक 'RailOne' ऐप ने सफलता के नए झंडे गाड़ दिए हैं। एक साल से भी कम समय में इस ऐप ने यात्रियों के भरोसे को इस तरह जीता है:
- कुल 3.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड्स (गूगल प्ले स्टोर पर 3.16 करोड़ और एप्पल स्टोर पर 33.17 लाख)।
- रोजाना करीब 9.29 लाख टिकट इस ऐप के जरिए बुक हो रहे हैं।
- ऐप से हर दिन 7.2 लाख अनारक्षित (जनरल/प्लेटफॉर्म) टिकट और 2.09 लाख आरक्षित टिकट बुक किए जा रहे हैं।
- यह ऐप न केवल टिकट बुकिंग, बल्कि ट्रेनों की रियल-टाइम जानकारी और त्वरित शिकायत दर्ज कराने के लिए 'वन-स्टॉप सॉल्यूशन' बनकर उभरा है।
नए सिस्टम से क्या बदलेगा?
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस तकनीकी परिवर्तन का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को 'सीमलेस' (निर्बाध) अनुभव प्रदान करना है:
- तेज बुकिंग: नए सिस्टम की प्रोसेसिंग पावर अधिक होगी, जिससे पीक आवर्स (जैसे तत्काल बुकिंग) के दौरान वेबसाइट या ऐप हैंग नहीं होंगे।
- अधिक क्षमता: एक साथ लाखों यात्रियों की रिक्वेस्ट हैंडल करने की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
- भरोसेमंद सुरक्षा: नई तकनीक के आने से टिकट बुकिंग पहले से अधिक सुरक्षित और पारदर्शी होगी।
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रेल मंत्री का निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि तकनीकी अपग्रेडेशन का कार्य बैकएंड पर इस तरह होना चाहिए कि फ्रंटएंड पर यात्रियों को टिकट बुक करते समय कोई रुकावट महसूस न हो। उन्होंने अधिकारियों को सिस्टम की टेस्टिंग और डेटा माइग्रेशन को बेहद सावधानी से करने को कहा है।
(पीटीआई से मिले इनपुट के आधार पर)