
डिजिटल डेस्क। भारत सरकार की मंजूरी से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार अब NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा रविवार, 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। एजेंसी ने कहा है कि नई तारीखों के अनुसार परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि NEET परीक्षा में गेस पेपर लीक होने की जानकारी मिलने के बाद सरकार ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच की।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों में आ गई है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने भारत सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा को रद करने का फैसला लिया पहले था। यह परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित होने वाली थी।
Re-examination of NEET (UG) 2026 scheduled on Sunday, 21 June 2026. https://t.co/WX63Ll941g pic.twitter.com/geO1oWl6b5
— ANI (@ANI) May 15, 2026
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि NEET परीक्षा में गेस पेपर लीक होने की जानकारी मिलने के बाद सरकार ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच की। उन्होंने बताया कि 3 से 4 दिनों तक हालात का आकलन करने के बाद परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया, ताकि किसी भी छात्र को परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि अब नई तारीख का ऐलान कर दिया गया है और आज से ठीक एक महीने बाद दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी रहे।
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— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) May 15, 2026
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार की लड़ाई सीधे परीक्षा माफियाओं से है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग परीक्षा प्रणाली को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रम फैलाने वाले तथ्यों को साझा किया जा रहा है, जिससे छात्रों और अभिभावकों को गुमराह करने की कोशिश हो रही है। ऐसे माहौल में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। मंत्री ने कहा कि सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत CBI को जांच सौंपी है। इस बार एजेंसी पूरे मामले की तह तक जाएगी और गड़बड़ी करने वालों की पहचान करेगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि शिक्षा माफिया की वजह से किसी मेहनती और ईमानदार छात्र का भविष्य प्रभावित हो। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान 12 मई तक यह स्पष्ट हो गया था कि गेस पेपर के नाम पर असली प्रश्नपत्र के सवाल बाहर पहुंच चुके थे।
इसी कारण सरकार को दुख के साथ परीक्षा रद्द करने का फैसला लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी NTA हर साल करीब एक करोड़ विद्यार्थियों की परीक्षाएं आयोजित करती है। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में ‘जीरो एरर’ सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस बात का पूरा ध्यान रखेगी कि दोबारा परीक्षा होने से विद्यार्थियों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
NTA ने छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया है। मंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों को एक सप्ताह का समय दिया जाएगा, जिसमें वे अपनी पसंद के शहर में परीक्षा केंद्र चुन सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों को यात्रा और अन्य परेशानियों से राहत मिलेगी।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जांच एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से ले रही हैं। उन्होंने परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय में यदि कोई इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाया गया तो उसे कड़ी सजा भुगतनी पड़ेगी। उन्होंने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य देश की परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है।