
डिजिटल डेस्क: देशभर में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी (Petrok Diesel CNG price Hike) के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शुक्रवार, 15 मई 2026 से पेट्रोल और डीजल के नए दाम लागू हो गए हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक पेट्रोल की कीमत में 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3.11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। वहीं सीएनजी के दाम भी दो रुपये प्रति किलो बढ़ा दिए गए हैं।
ईंधन की बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ने वाला है। परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की कई वस्तुएं महंगी होने की आशंका जताई जा रही है। मिडिल ईस्ट संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच यह फैसला लिया गया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि गलती मोदी सरकार की है और इसकी कीमत जनता को चुकानी पड़ेगी।
राहुल गांधी ने तंज कसते हुए लिखा कि अभी तीन रुपये का झटका दिया गया है और बाकी वसूली किस्तों में की जाएगी। उन्होंने बढ़ती महंगाई को लेकर भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
गलती मोदी सरकार की,
कीमत जनता चुकाएगी।
₹3 का झटका आ चुका,
बाकी वसूली क़िस्तों में की जाएगी।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 15, 2026
सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भी पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर केंद्र सरकार पर तंज कसा। उन्होंने एक्स पर साइकिल चलाते हुए अपना एक स्केच साझा किया और लिखा, “हमने तो पहले ही कहा है कि साइकिल से बेहतर कुछ नहीं।” इसके जरिए उन्होंने अपनी पार्टी के चुनाव चिन्ह का प्रचार करने के साथ-साथ बढ़ती ईंधन कीमतों पर भी कटाक्ष किया।
आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है। pic.twitter.com/FDDpykbGrr
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 15, 2026
कांग्रेस ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि ईंधन कीमतों में वृद्धि से महंगाई और बढ़ेगी। पार्टी महासचिव जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम थीं, तब सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के बजाय उनसे ज्यादा वसूली की।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आर्थिक विकास दर पर भी असर पड़ सकता है। सरकारी तेल कंपनियों ने करीब चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संशोधन किया है।