
डिजिटल डेस्क, नईदुनिया। पंश्चिम बंगाल के कोलकाता में आयोजित सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में शनिवार को एक भावुक क्षण देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 97 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा नेता माखनलाल सरकार को मंच पर सम्मानित किया। प्रधानमंत्री ने उन्हें गले लगाया और सम्मान स्वरूप उनके पैर भी छुए। इस दृश्य ने समारोह में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं को भावुक कर दिया।
माखनलाल सरकार सिलीगुड़ी निवासी हैं और पश्चिम बंगाल में भाजपा के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। लंबे समय से राष्ट्रवादी आंदोलन और भाजपा संगठन से जुड़े रहे सरकार का राजनीतिक और वैचारिक योगदान काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने समारोह के दौरान बताया कि माखनलाल सरकार, भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के करीबी सहयोगियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर यात्रा के दौरान सरकार मुखर्जी के साथ थे।
भट्टाचार्य ने बताया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की कश्मीर की जेल में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। उन्होंने कहा कि उस ऐतिहासिक यात्रा के साक्षी रहे माखनलाल सरकार का समारोह में उपस्थित होना भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए गौरव की बात है।
सामिक भट्टाचार्य ने माखनलाल सरकार से जुड़ा एक और प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के दौरान दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रवाद का गीत गाने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में उनसे माफी मांगने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।
भट्टाचार्य के अनुसार, माखनलाल सरकार ने अदालत में भी वही गीत गाया। इसके बाद न्यायाधीश ने उन्हें घर लौटने के लिए प्रथम श्रेणी का टिकट और यात्रा खर्च के रूप में 100 रुपये देने का आदेश दिया था।
माखनलाल सरकार सिलीगुड़ी संगठनात्मक जिले के पहले जिला अध्यक्ष रहे हैं। वर्ष 1952 में कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।
#WATCH | Kolkata | PM Modi felicitates and takes blessings of Makhanlal Sarkar, one of the most senior workers of the BJP in West Bengal.
In 1952, Makhanlal Sarkar was arrested in Kashmir while accompanying Syama Prasad Mukherjee during the movement to hoist the Indian… pic.twitter.com/gpmLISKYZ5
— ANI (@ANI) May 9, 2026
1980 में भाजपा के गठन के बाद उन्होंने पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों में संगठनात्मक समन्वयक की जिम्मेदारी संभाली। बताया जाता है कि उन्होंने एक वर्ष के भीतर लगभग 10 हजार सदस्यों को भाजपा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
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वर्ष 1981 से लगातार सात वर्षों तक उन्होंने जिला अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उस समय भाजपा में किसी नेता का लंबे समय तक एक ही संगठनात्मक पद पर बने रहना बेहद असाधारण माना जाता था।