उन्होंने अपने बयान में कहा, “घायल हूं, इसलिए घातक हूं… समय आने पर हर बात का हिसाब होगा।”
राघव चड्ढा ने X पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि उनके खिलाफ एक सुनियोजित तरीके से आरोप लगाए जा रहे हैं। शुरुआत में उन्होंने चुप रहने का फैसला किया था, लेकिन बार-बार एक जैसे आरोप लगाए जाने के कारण उन्होंने जवाब देना जरूरी समझा। उन्होंने यह भी कहा कि कई नेताओं द्वारा एक जैसी भाषा में आरोप लगाना इस बात का संकेत है कि यह एक तय रणनीति के तहत किया जा रहा है।
आरोपों पर एक-एक कर सफाई
1. विपक्ष का साथ नहीं देने का आरोप
राघव चड्ढा ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह गलत है। संसद की कार्यवाही के दौरान मौजूद कैमरों की फुटेज से साफ हो जाएगा कि उन्होंने हर बार विपक्ष का साथ दिया है।
2. मुख्य चुनाव आयुक्त पर मोशन में साइन नहीं करने का आरोप
उन्होंने कहा कि उन्हें इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के लिए कभी कहा ही नहीं गया। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पार्टी के अन्य नेताओं ने भी इस पर हस्ताक्षर नहीं किए, फिर केवल उन्हें ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है।
3. डरने और मुद्दों से भटकने का आरोप
इस आरोप पर उन्होंने कहा कि वह संसद में शोर मचाने के लिए नहीं, बल्कि जनता के मुद्दे उठाने के लिए गए हैं। बेरोजगारी, महंगाई और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को उन्होंने लगातार उठाया है।
पार्टी के भीतर बढ़ा विवाद
दरअसल, Aam Aadmi Party के कई वरिष्ठ नेताओं Sanjay Singh, Saurabh Bharadwaj और Atishi Marlena ने राघव चड्ढा पर सवाल उठाए थे। पार्टी नेताओं ने उन पर भाजपा के प्रति नरम रुख अपनाने और विपक्ष के साथ मजबूती से खड़े न होने जैसे आरोप लगाए हैं। साथ ही, उन्हें राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद यह विवाद और तेज हो गया है।