डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने अपने सभी जोन को निर्देश दिया है कि 'रेल मदद' ऐप पर यात्रियों की ओर से की गई शिकायतों को सिस्टम के जरिए सीधे ट्रेन एस्कॉर्टिंग स्टाफ (ट्रेन में सुरक्षा और सहायता के लिए तैनात स्टाफ) को भेजा जाए, ताकि उनका जल्द समाधान हो सके।
उन्हें यह भी निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे सभी स्टाफ की जानकारी और उनकी काम की शिफ्ट को इंटरनल डिजिटल सिस्टम में दर्ज करें।
'रेल मदद' शिकायतों की लाइव मॉनिटरिंग में सामने आई ये गड़बड़ी
मंत्रालय ने सभी रेलवे जोन को 24 अगस्त को भेजे एक पत्र में कहा, 'रेल मदद' शिकायतों की लाइव मॉनिटरिंग के दौरान यह देखा गया है कि यात्रियों की शिकायतें अक्सर तय समय के भीतर संबंधित एस्कॉर्टिंग स्टाफ तक नहीं पहुंच पाती हैं, जिससे शिकायतों पर कार्रवाई में अनावश्यक देरी होती है।
स्टाफ की जानकारी सही ढंग से अपडेट करना जरूरी
पत्र में आगे कहा गया है कि अगर संबंधित ट्रेन/कोच के लिए स्टाफ की जानकारी सही ढंग से अपडेट की जाती है, तो 'रेल मदद' की शिकायतों की सूचना सॉफ्टवेयर के जरिए तुरंत उन्हें दी जा सकती है। इसके बाद एस्कॉर्टिंग स्टाफ ट्रेन के चलने के दौरान ही शिकायत पर तुरंत कार्रवाई कर सकता है, जिससे रिस्पॉन्स टाइम (जवाब देने में लगने वाला समय) काफी कम हो जाएगा और SLA (सर्विस लेवल एग्रीमेंट) के उल्लंघन को रोका जा सकेगा।
शिकायत पर कार्रवाई में अनावश्यक देरी होती है
मंत्रालय के अनुसार, कई मामलों में एस्कॉर्टिंग स्टाफ की जानकारी इंटरनल डिजिटल सिस्टम (रेल केयर/CMM) में दर्ज या अपडेट नहीं की जाती है, जिसके कारण 'रेल मदद' की शिकायतें पहले डिविजनल कंट्रोल ऑफिस को भेजी जाती हैं, और फिर वे जरूरी कार्रवाई के लिए एस्कॉर्टिंग स्टाफ से संपर्क करते हैं।
मंत्रालय ने कहा, संचार के इस अतिरिक्त चरण के कारण यात्री की शिकायत पर कार्रवाई में अनावश्यक देरी होती है। अधिकारियों ने कहा कि डिविजनल कंट्रोल के शामिल होने से संचार का एक अतिरिक्त चरण बन जाता है और नतीजतन जवाब देने में देरी होती है।
..तो शिकायत डिविजनल कंट्रोल रूम के स्टाफ को भेज दी जाएगी
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, अगर कोई यात्री 'रेल मदद' पर कोच में एयर-कंडीशनिंग सिस्टम के काम न करने के बारे में शिकायत करता है, और डिजिटल सिस्टम में ट्रेन एस्कॉर्टिंग स्टाफ की जानकारी उपलब्ध या अपडेट नहीं है, तो शिकायत डिविजनल कंट्रोल रूम के स्टाफ को भेज दी जाएगी।
हर ट्रिप पर तैनात स्टाफ की जानकारी सही ढंग से अपडेट हो
मंत्रालय ने जोन से कहा है कि वे हर ट्रिप के लिए ट्रेनों में तैनात सभी एस्कॉर्टिंग स्टाफ की पूरी और अपडेटेड जानकारी CMM/रेल केयर सिस्टम में उपलब्ध कराएं। एक अधिकारी ने कहा, स्टाफ की जानकारी एक बार दर्ज करके भूल जाना काफी नहीं है। हर ट्रिप पर तैनात असल स्टाफ की जानकारी सही ढंग से अपडेट की जानी चाहिए।
इनमें ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस (OBHS) स्टाफ, लिनन बांटने वाले स्टाफ, मैकेनिकल एस्कॉर्टिंग स्टाफ और इलेक्ट्रिकल एस्कॉर्टिंग स्टाफ की जानकारी शामिल है।
RPF एस्कॉर्टिंग स्टाफ और IRCTC मैनेजर की जानकारी भी अपडेट हो
इसके अलावा, मंत्रालय ने कहा है कि ट्रेन में तैनात अन्य रेलवे स्टाफ, जैसे टिकट चेकिंग स्टाफ (TTEs/TEs), RPF एस्कॉर्टिंग स्टाफ और IRCTC मैनेजर की जानकारी भी उनके संबंधित डिजिटल सिस्टम में अपडेट रहनी चाहिए।
मंत्रालय ने कहा है कि सभी जोनल रेलवे को तुरंत प्रभाव से ऐसे सभी एस्कॉर्टिंग स्टाफ की जानकारी जोड़ने/अपडेट करने की प्रक्रिया सुनिश्चित करनी चाहिए।