
डिजिटल डेस्क। बिहार की सियासत में एक बड़े उलटफेर की आहट अब हकीकत में बदलती दिख रही है। राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया ने न केवल रफ्तार पकड़ ली है, बल्कि मुख्यमंत्री आवास से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक गतिविधियां चरम पर हैं। सूत्रों और हालातों के संकेत बता रहे हैं कि बिहार की कमान अब नए हाथों में जाने वाली है।
बिहार के सियासी गलियारों में चर्चा है कि 14 अप्रैल को होने वाली कैबिनेट बैठक वर्तमान सरकार की आखिरी बैठक हो सकती है। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजभवन जाकर अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। वहीं, 15 अप्रैल को पटना के लोकभवन में नई सरकार का भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए जाने की प्रबल संभावना है।
सत्ता हस्तांतरण की सुगबुगाहटों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। भाजपा संसदीय बोर्ड ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बिहार के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा जारी पत्र के अनुसार, शिवराज सिंह चौहान पटना पहुंचकर भाजपा विधायक दल के नेता के चुनाव की प्रक्रिया को संपन्न कराएंगे। उनकी मौजूदगी में ही तय होगा कि भाजपा की ओर से नेतृत्व का चेहरा कौन होगा।
भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने बिहार में पार्टी विधायक दल के नेता के चुनाव हेतु श्री @ChouhanShivraj, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास मंत्री, भारत सरकार को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। pic.twitter.com/EzDE0GmEax
— BJP (@BJP4India) April 12, 2026
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अगले कदम के ठोस संकेत उनके आवास में हो रही हलचल से मिल रहे हैं। जानकारी के अनुसार, 1 अणे मार्ग (CM आवास) से नीतीश कुमार का निजी सामान 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में शिफ्ट किया जा रहा है।
गौरतलब है कि वर्ष 2014 में जब नीतीश कुमार ने पद से इस्तीफा देकर जीतन राम मांझी को सत्ता सौंपी थी, तब भी वे इसी 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में रहने गए थे।
बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजय कुमार चौधरी के हालिया बयानों ने भी आग में घी डालने का काम किया है। उन्होंने संकेत दिया है कि मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरा कौन होगा, इसका अंतिम फैसला भाजपा नेतृत्व ही करेगा। एनडीए विधायक दल की बैठक में भाजपा द्वारा सुझाए गए नाम पर ही औपचारिक मुहर लगाई जाएगी।
भले ही सत्ता परिवर्तन तय माना जा रहा हो, लेकिन "अगला मुख्यमंत्री कौन?" इस सवाल पर सस्पेंस अब भी बना हुआ है। राजनीतिक गलियारों में कई कद्दावर नामों की चर्चा है, लेकिन भाजपा ने अपने पत्ते अभी तक नहीं खोले हैं।
बिहार की सियासत अगले 48 घंटों में एक निर्णायक मोड़ लेने वाली है। नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री आवास खाली करना और दिल्ली से भारी-भरकम पर्यवेक्षक का पटना पहुंचना, इस बात की तस्दीक करता है कि बिहार में अब एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है।