तमिलनाडु में अब किसकी बनेगी सरकार? बहुमत नहीं जुटा सके विजय, राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने से किया इनकार
TN Politics: तमिलनाडू में सहयोगी दलों के समर्थन वापस लेने से टीवीके की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब मामला अदालत पहुंच सकता है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 09 May 2026 08:03:35 AM (IST)Updated Date: Sat, 09 May 2026 08:03:35 AM (IST)
तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस, टीवीके गठबंधन से सहयोगियों ने बनाई दूरी (फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया)HighLights
- सहयोगी दलों ने टीवीके से दूरी बनाई
- कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन
- राज्यपाल ने बहुमत पर सख्त रुख अपनाया
डिजिटल डेस्क: अभिनेता-राजनेता विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के लिए मुख्यमंत्री बनने का सपना फिलहाल अधूरा रह गया है। राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर ने बहुमत साबित न कर पाने के कारण विजय को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने से इनकार कर दिया।
शुक्रवार को विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। हालांकि कुछ ही घंटों बाद राजनीतिक समीकरण बदल गए और टीवीके के नेतृत्व वाले गठबंधन को बड़ा झटका लगा।
सहयोगी दलों ने बनाई दूरी
आईयूएमएल और टीटीवी दिनाकरन की एएमएमके ने अलग-अलग पत्र जारी कर टीवीके गठबंधन से दूरी बना ली। एएमएमके ने राज्यपाल को पत्र लिखकर एआईएडीएमके को सरकार बनाने का मौका देने की मांग की।
वामपंथी दलों CPI और सीपीएम ने टीवीके को बाहर से समर्थन देने की घोषणा की है, लेकिन उन्होंने सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया। कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन मिलने के बावजूद टीवीके बहुमत के जरूरी आंकड़े 118 तक नहीं पहुंच सकी।
टीवीके ने जताया भरोसा
टीवीके विधायक मैरी विल्सन ने दावा किया कि विजय न सिर्फ पांच साल बल्कि लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी को पूरा भरोसा है और देर रात तक कोई अच्छी खबर मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक, अब टीवीके इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटा सकती है। पार्टी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।
राज्यपाल का सख्त रुख
राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर ने स्पष्ट कहा कि 113 या 116 विधायकों के समर्थन से स्थिर सरकार नहीं चलाई जा सकती। उन्होंने लिखित समर्थन पत्र के बिना कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। फिलहाल तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अब सभी की नजरें राज्यपाल के अगले कदम और संभावित कानूनी लड़ाई पर टिकी हैं।