
डिजिटल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार देर रात फिर एक इंस्टाग्राम वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित पेपर लीक को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ लगाए गए गाली-गलौज वाले नारों के बाद संयम बरतने और माफ़ी मांगने की अपील की। उन्होंने कहा कि "गाली-गलौज से कभी कुछ हल नहीं होता" और समाज से गुज़ारिश की कि जो लोग भटक गए हैं, उन्हें सज़ा देने के बजाय उन्हें रास्ता दिखाए।
उन्होंने कहा, "जंतर-मंतर पर जो हुआ, वह देश और दुनिया ने देखा है। कुछ गुमराह युवाओं ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जिसकी किसी भी सभ्य समाज में कोई जगह नहीं है। मुझे गाली दी गई, और मेरी गुज़र चुकी मां को भी गाली दी गई।"
यह बात कथित पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ़ गाली-गलौज का इस्तेमाल करने के कुछ दिनों बाद आई है, जिसके बाद एक प्रदर्शनकारी के खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई हुई थी।
इन बातों के बावजूद PM मोदी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इसका जवाब गुस्से या बदले में है। इसके बजाय, उन्होंने प्रदर्शनकारियों को ऐसे युवा बताया जो अपनी गलतियों से सीख सकते हैं।
जंतर-मंतर पर हुए काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी करने वाली लड़की ने माफी मांग ली है। नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में जीरो पर एफआईआर दर्ज की गई थी। लड़की ने कहा कि मैं अपनी बातों के लिए बहुत शर्मिंदा हूं। यह मेरी पहली और आखिरी गलती थी। आगे से मैं ऐसा कुछ भी नहीं करूंगी। मैं अपने दोस्तों के साथ गई थी, जहां विरोध प्रदर्शन हो रहा था। मैं उन लोगों के बहकावे में आ गई और मैंने यह सब बोल दिया। मैं पूरे देश से माफी मांगती हूं। मुझे कृपया माफ कर दीजिए।
नोएडा के एक्सप्रेसवे पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत शांति भंग करने, सार्वजनिक शरारत और मानहानि के लिए उकसाने वाले बयानों से संबंधित एक जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। जीरो एफआईआर के रूप में, इसे आगे की जांच के लिए दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित करने से पहले उस क्षेत्राधिकार के बाहर दर्ज किया गया था जहां कथित अपराध हुआ था।
प्रधानमंत्री @narendramodi ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से लोगों से भटके हुए युवाओं को सही मार्ग दिखाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपशब्दों एवं अभद्र भाषा का प्रयोग किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।
जंतर-मंतर की घटना का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश और दुनिया… pic.twitter.com/Jr5o2mZ2wz
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) July 31, 2026
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि इस्तेमाल की गई भाषा आपत्तिजनक हो सकती है, लेकिन तर्क दिया कि प्रदर्शनकारियों के शब्दों पर उनके खिलाफ आपराधिक कानून लागू नहीं किया जाना चाहिए।
दास ने कहा, "बेशक, अगर ऐसी कोई भाषा इस्तेमाल की गई है जो अपमानजनक प्रकृति की है, तो संबंधित व्यक्ति उसके खिलाफ नागरिक मानहानि और आपराधिक मानहानि का मामला चलाने के लिए स्वतंत्र है।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जाने के लिए आपराधिक तंत्र का उपयोग अत्यधिक निंदनीय है और किसी भी आपत्तिजनक भाषा के लिए किसी को दंडित नहीं किया जाना चाहिए।"
Abuses never solve anything.
Let’s guide the misguided.
Let’s work together.
Let’s work for Bharat. pic.twitter.com/yAePG60KYL
— Narendra Modi (@narendramodi) July 31, 2026