
डिजिटल डेस्क: दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक मौसम (Weather Update) का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग (IMD Alert) के अनुसार शुक्रवार को राजधानी में बादल छाए रहने, हल्की वर्षा, गर्जन वाले बादल बनने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

कई इलाकों में हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इस स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है।
सोमवार को दिल्ली में सुबह से ही आंशिक रूप से बादल छाए रहे। इस दौरान हवा की गति करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। राजधानी का अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.3 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक रहा।
दिन के समय हल्की गर्माहट महसूस की गई, हालांकि बीच-बीच में बादलों की आवाजाही भी बनी रही। नमी का अधिकतम स्तर 76 प्रतिशत और न्यूनतम 35 प्रतिशत दर्ज किया गया।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मंगलवार को आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बुधवार को भी बादल छाए रहने की संभावना है। शाम या रात के समय हल्की वर्षा, गरज और बिजली चमक सकती है। इस दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
मध्य प्रदेश में सोमवार को मौसम (MP Weather Update) के अलग-अलग रूप देखने को मिले। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में तेज धूप के कारण गर्मी का एहसास हुआ, जबकि उत्तरी जिलों में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई।
इससे अधिकतम तापमान में औसतन एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। वहीं बादलों की वजह से रात के तापमान में करीब एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई।
ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली और रीवा जिलों में बादल छाए रहे। इस दौरान कई जगहों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। मौसम विज्ञानी के अनुसार 17 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिससे प्रदेश के तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता का असर हिमाचल प्रदेश में भी देखने को मिला। शिमला के नवबहार क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि के कारण सड़कों पर वाहन फिसलने लगे और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। शिमला के अलावा ठियोग, नारकंडा, कुफरी, मशोबरा, रोहड़ू, सोलन और सिरमौर में कृषि और बागवानी को काफी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर पेड़ों को नुकसान पहुंचा और फलदार पौधों में आए फूल झड़ गए।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मौसम अधिकारी शोभित कटारिया ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ और आंधी के कारण तापमान में गिरावट आई है। प्रदेश में दिन का तापमान सामान्य से 10 से 16 डिग्री तक नीचे चला गया, जिसके कारण कई क्षेत्रों में हिमपात और ओले गिरे।
उत्तराखंड में रविवार को ऊंची चोटियों पर हिमपात और निचले इलाकों में देर रात तक तेज बारिश हुई। हालांकि सोमवार को मौसम शुष्क रहा और दिनभर अधिकांश क्षेत्रों में तेज धूप देखने को मिली। वर्षा और बर्फबारी के कारण सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ गई है। कुमाऊं क्षेत्र की चोटियों पर हल्का हिमपात अभी भी जारी है।
मौसम विभाग के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में आज भी कहीं-कहीं हल्की वर्षा और बर्फबारी हो सकती है। वहीं मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। गुरुवार से प्रदेश में फिर से वर्षा और बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है।