
डिजिटल डेस्क। पश्चिमी विक्षोभों के कारण पिछले करीब पंद्रह दिनों से मिल रही राहत अब खत्म हो चुकी है। दिल्ली समेत उत्तर और मध्य भारत में गर्मी (IMD Heatwave Alert) ने फिर से तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। साफ आसमान, तेज धूप और बढ़ती उमस के चलते तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है।
रविवार को राजधानी दिल्ली में लोगों को झुलसाने वाली गर्मी (Weather Update) का सामना करना पड़ा। अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जबकि हीट इंडेक्स 44.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। छुट्टी होने के बावजूद सड़कों पर कम आवाजाही दिखाई दी और लोग घरों व वाहनों के एसी से भी राहत नहीं मिलने की शिकायत करते नजर आए।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार से पूरे सप्ताह दिल्ली में मौसम इसी तरह बना रहेगा। आसमान साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी। उमस के कारण गर्मी का असर और अधिक महसूस होगा। विभाग ने मंगलवार और बुधवार के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि मंगलवार से राजधानी में लू की वापसी हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। उल्लेखनीय है कि अप्रैल में केवल एक दिन लू चली थी, जबकि मई में अब तक लू दर्ज नहीं की गई थी।
मालवा-निमाड़ क्षेत्र में भी गर्मी लगातार बढ़ रही है। इंदौर में रविवार को अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। दोपहर में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को लू जैसे हालात का सामना करना पड़ा। मधुमिलन चौराहे पर सड़क का डामर तक पिघलता नजर आया।
भोपाल मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल कोई सक्रिय मौसम प्रणाली नहीं है, जिसके कारण तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। अगले दो दिनों में इंदौर का तापमान दो से तीन डिग्री तक और बढ़ सकता है। हालांकि रात के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, जिससे रात में कुछ राहत मिल सकती है।
प्रदेश में रविवार को राजगढ़ सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानी अरुण शर्मा के अनुसार इंदौर सहित मालवा-निमाड़ के अधिकांश हिस्सों में अगले तीन दिनों तक गर्मी का असर तीव्र बना रहेगा। धार, खरगोन और खंडवा जिलों में लू चलने की संभावना है, जबकि इंदौर में भी 20 मई के आसपास गर्म हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक पिछले दिनों पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आने के कारण जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और मंडला में बारिश हुई थी। इसका असर इंदौर क्षेत्र में भी देखने को मिला था, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आई थी। हालांकि अब यह प्रभाव कमजोर पड़ गया है।
फिलहाल एक पश्चिमी विक्षोभ ईरान के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है, जो अगले तीन दिनों में उत्तर भारत पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि मानसून 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है। इसके बाद प्रदेश में नमी बढ़ने और गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना बनेगी।
छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज अलग नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारत के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण का असर प्रदेश में दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक गरज-चमक, तेज हवा और वज्रपात के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है।
रविवार को रायपुर समेत कई जिलों में बादल छाए रहे और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बस्तर और दुर्ग संभाग के कई इलाकों में भी वर्षा हुई। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान बिलासपुर में 39.5 डिग्री सेल्सियस और रायपुर में 38.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने सोमवार को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। वहीं अगले चार दिनों में तापमान तीन से चार डिग्री तक बढ़ने की संभावना जताई गई है।