
डिजिटल डेस्क। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार ने राज्य की जनता के लिए लोक-कल्याणकारी योजनाओं का पिटारा खोल दिया है। मंगलवार, 26 मई 2026 को एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गरीब, महिला और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई ऐतिहासिक नीतिगत फैसलों का एलान किया।
सरकार ने जहां एक तरफ बेहद रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराने की घोषणा की है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं के सशक्तिकरण और राज्य में 'कानून का शासन' स्थापित करने के लिए आबकारी नियमों में कड़ा विधिक बदलाव किया है।
मुख्यमंत्री ने गरीब और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि पूरे पश्चिम बंगाल में विशेष सरकारी कैंटीनें शुरू की जाएंगी। इन कैंटीनों के माध्यम से राज्य के नागरिकों को मात्र ₹5 में मछली-चावल (Fish-Rice) का पौष्टिक और भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इस कूट योजना के जरिए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सीएम शुभेंदु अधिकारी ने अपनी महत्वाकांक्षी 'अन्नपूर्णा योजना' की आधिकारिक समय-सीमा की घोषणा भी कर दी।
राज्य की सामाजिक और शैक्षणिक व्यवस्था को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने आबकारी नीति (Excise Policy) पर कड़ा प्रहार किया है। नए विधिक नियमों के तहत अब पश्चिम बंगाल में किसी भी स्कूल, कॉलेज और मंदिर के 1 किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकानों के संचालन की अनुमति नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने अपने जनसंपर्क दौरों का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी, जो हमेशा 'राष्ट्र प्रथम' (Nation First) के सिद्धांत पर विश्वास रखती है, उसे बंगाल की जनता ने अपना भरपूर आशीर्वाद दिया है। इसी जन-आदेश के कारण राज्य में नए लोग विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री बने हैं। हमारा दृष्टिकोण बिल्कुल साफ है कि हमारा घोषणापत्र और सुशासन के विचार सबसे पहले प्रशासन के हर स्तर और हर कर्मचारी तक पहुंचने चाहिए, ताकि बिना किसी कूट भेदभाव के जनता के काम त्वरित गति से हो सकें।