
धर्म डेस्क। जीवन में हर व्यक्ति की राह एक जैसी नहीं होती। कुछ लोगों को सफलता बहुत जल्दी मिल जाती है, जबकि कुछ को लंबे संघर्ष के बाद ही मंजिल नसीब होती है। अंक ज्योतिष के अनुसार, मूलांक 8 वाले जातकों का जीवन भी कुछ ऐसा ही होता है। इन लोगों का शुरुआती जीवन कठिनाइयों से भरा रहता है, लेकिन 35 वर्ष की आयु के बाद शनि देव की कृपा से इनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगता है और सफलता के नए द्वार खुलते हैं।
अंक ज्योतिष में मूलांक 8 को शनि ग्रह का अंक माना गया है। किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को जन्म लेने वाले लोगों का मूलांक 8 होता है। शनि देव को न्याय, कर्म और अनुशासन का देवता माना जाता है। इसलिए मूलांक 8 वाले जातकों के जीवन में मेहनत, धैर्य और संघर्ष की बड़ी भूमिका होती है। यह अंक व्यक्ति को धीरे-धीरे, लेकिन स्थायी सफलता की ओर ले जाता है।
अंकशास्त्र के अनुसार, मूलांक 8 के जातकों को जीवन के शुरुआती वर्षों में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पढ़ाई हो या करियर, इन्हें हर कदम पर कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। इन्हें आसानी से सफलता नहीं मिलती, बल्कि हर उपलब्धि संघर्ष और अनुभव से अर्जित होती है। शनि देव इन्हें कम उम्र में ही अनुशासन, जिम्मेदारी और धैर्य का पाठ पढ़ा देते हैं।
मूलांक 8 वाले लोग आमतौर पर शांत, गंभीर और गहराई से सोचने वाले होते हैं। वे अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त नहीं करते, जिस वजह से कभी-कभी उन्हें घमंडी या अलग-थलग रहने वाला समझ लिया जाता है। हालांकि, असल में वे संवेदनशील और जिम्मेदार होते हैं। कम बोलना और अपने काम पर पूरी एकाग्रता से ध्यान देना इनकी सबसे बड़ी खासियत होती है।
अंक ज्योतिष मानता है कि मूलांक 8 के जातकों के जीवन में 35 से 36 वर्ष की आयु एक टर्निंग पॉइंट होती है। इस समय तक वे संघर्षों से गुजरकर अनुभव, समझ और आत्मविश्वास हासिल कर लेते हैं। इसके बाद शनि देव की कृपा से उन्हें करियर, धन और प्रतिष्ठा में उल्लेखनीय सफलता मिलती है। यही कारण है कि कई सफल उद्योगपति, प्रशासक और राजनेता मूलांक 8 से जुड़े माने जाते हैं।
जब मूलांक 8 वाले जातक जीवन में ऊंचाइयों तक पहुंचते हैं, तो उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत नहीं रहती, बल्कि समाज पर भी सकारात्मक प्रभाव डालती है। वे अपने अनुभव, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदार दृष्टिकोण से दूसरों को प्रेरित करते हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार, ऐसे लोग कठिनाइयों से गुजरकर जो मुकाम हासिल करते हैं, वह उन्हें और भी मजबूत, संतुलित और प्रभावशाली बनाता है।