
धर्म डेस्क। भगवान शिव को प्रसन्न करना बेहद सरल माना जाता है, क्योंकि वे भाव और श्रद्धा से शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव हैं। शास्त्रों के अनुसार, सच्चे मन से किया गया मंत्र जाप व्यक्ति के जीवन से नकारात्मकता दूर कर सकता है।
शिव पुराण और अन्य धर्मग्रंथों में ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र को ब्रह्मांडीय ऊर्जा का स्रोत बताया गया है। यह पंचाक्षरी मंत्र न केवल आध्यात्मिक शांति देता है, बल्कि जीवन की कई परेशानियों से भी मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।
मान्यता है कि अगर इस मंत्र का सही विधि और संख्या में जाप किया जाए, तो व्यक्ति की सोई हुई किस्मत भी जाग सकती है। आइए जानते हैं ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र की महिमा, जाप की सही संख्या और इससे मिलने वाले लाभ।
यह मंत्र पंच तत्व पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश का प्रतिनिधित्व करता है। इसके नियमित जाप से मन की अशांति दूर होती है और नकारात्मक विचार समाप्त होने लगते हैं। शास्त्रों के अनुसार, यह मंत्र आत्मिक शुद्धि के साथ-साथ एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक है।
धार्मिक ग्रंथों में अलग-अलग उद्देश्यों के लिए जाप की अलग संख्या बताई गई है-
दैनिक साधना के लिए
रोजाना 108 बार (एक माला) ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करने से मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
मनोकामना पूर्ति के लिए
किसी विशेष इच्छा की पूर्ति के लिए सवा लाख (1,25,000) जाप का संकल्प लिया जाता है। इसे श्रद्धालु अपनी सुविधा अनुसार 21, 41 या 51 दिनों में पूरा कर सकते हैं।
संकट और भय से मुक्ति के लिए
अगर मन अत्यधिक अशांत है या किसी भय का अनुभव हो रहा है, तो 1008 बार मंत्र जाप करने से मानसिक शांति और आत्मबल की प्राप्ति होती है।
मंत्र से पूर्ण लाभ पाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है-
जाप के लिए सुबह का समय, विशेष रूप से ब्रह्म मुहूर्त, सबसे उत्तम माना जाता है।
शाम के समय प्रदोष काल में भी जाप किया जा सकता है।
कुशा या ऊन के आसन पर बैठकर ही मंत्र जाप करें।
रुद्राक्ष की माला का उपयोग करें, क्योंकि इसे भगवान शिव का अंश माना गया है।
जाप करते समय मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें।
ग्रह दोषों से राहत
इस मंत्र के नियमित जाप से कुंडली में मौजूद ग्रह दोषों, विशेषकर शनि और चंद्र से जुड़े नकारात्मक प्रभाव कम होने की मान्यता है।
रोग और भय का नाश
मंत्र से उत्पन्न आध्यात्मिक ऊर्जा शरीर और मन को मजबूत बनाती है, जिससे भय और नकारात्मकता दूर होती है।
सफलता और आत्मविश्वास
कहा जाता है कि इस मंत्र के जाप से कार्यक्षेत्र में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और आत्मविश्वास बढ़ता है, जिससे करियर और जीवन में सफलता के योग बनते हैं।
शिव भक्तों का मानना है कि सच्चे मन और श्रद्धा से किया गया ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।