Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र पर इस दिशा में स्थापित करें मां दुर्गा की चौकी, न करें ये भारी गलती, जानें वास्तु के सही नियम
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शक्ति की उपासना का महापर्व 'चैत्र नवरात्र' शुरू होने जा रहा है। ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 18 Mar 2026 03:18:16 PM (IST)Updated Date: Wed, 18 Mar 2026 03:18:16 PM (IST)
चैत्र नवरात्र पर इस दिशा में स्थापित करें मां दुर्गा की चौकी।HighLights
- चैत्र नवरात्र पर इस दिशा में स्थापित करें मां दुर्गा की चौकी।
- पूजन सामग्री और स्थापना के जरूरी नियम।
- नवरात्रि के दौरान साफ-सफाई का विशेष महत्व है।
धर्म डेस्क। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शक्ति की उपासना का महापर्व 'चैत्र नवरात्र' शुरू होने जा रहा है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 19 मार्च 2026 से नवरात्रि का प्रारंभ होगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन नौ दिनों में मां दुर्गा की चौकी स्थापित करना और कलश पूजन अत्यंत फलदायी होता है। हालांकि, वास्तु शास्त्र के अनुसार चौकी की स्थापना सही दिशा में करना अनिवार्य है, अन्यथा जातक पूजा के पूर्ण फल से वंचित रह सकता है।
स्थापना के लिए कौन-सी दिशा है सबसे शुभ?
वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार, मां दुर्गा की चौकी के लिए निम्नलिखित दिशाएं सर्वोत्तम मानी गई हैं-
उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) - इस दिशा को देवताओं का स्थान माना जाता है। यहाँ चौकी स्थापित करने से पूजा सफल होती है और साधक पर मां की विशेष कृपा बरसती है।
उत्तर-पश्चिम दिशा - घर में सुख-शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए इस दिशा में भी मां दुर्गा को विराजमान किया जा सकता है।
सावधान - वास्तु के अनुसार दक्षिण दिशा यमराज की मानी जाती है। इस दिशा में भूलकर भी मां की चौकी न लगाएं, क्योंकि इससे सुख-समृद्धि में बाधा आ सकती है।
पूजन सामग्री और स्थापना के जरूरी नियम
भक्तों को चौकी स्थापित करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो-
- पूजा करते समय मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
- चौकी पर हमेशा लाल रंग का साफ कपड़ा बिछाएं, क्योंकि यह शक्ति का प्रतीक है।
- कलश को हमेशा मां दुर्गा की प्रतिमा के दाईं ओर स्थापित करना चाहिए।
- मूर्ति स्थापना से पहले स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें और सामग्री को जमीन के बजाय चौकी पर ही रखें।
शुद्धता और अनुशासन
नवरात्रि के दौरान साफ-सफाई का विशेष महत्व है। मां दुर्गा की चौकी के आसपास का वातावरण अत्यंत स्वच्छ होना चाहिए। भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे इन नौ दिनों में वास्तु सम्मत नियमों का पालन करते हुए व्रत और शक्ति की साधना करें।