
धर्म डेस्क। देवभूमि उत्तराखंड में आज से भक्ति का महापर्व शुरू हो गया है। उत्तरकाशी जिले में स्थित मां गंगा और मां यमुना के जयकारों के साथ गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट आज सुबह शुभ मुहूर्त में खोल दिए गए। कपाट खुलते ही हजारों भक्तों ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। प्रशासन ने सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।
चारधाम यात्रा के अन्य दो प्रमुख धामों के कपाट खुलने का इंतजार भी जल्द खत्म होने वाला है। वैदिक पंचांग के अनुसार तिथियां इस प्रकार हैं...
यमुनोत्री (मोक्ष की पहली सीढ़ी): यात्रा की शुरुआत यहीं से होती है। यमराज की बहन और सूर्यपुत्री यमुना के इस धाम में स्नान करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है।
गंगोत्री (पापों का नाश): भगीरथ की तपस्या का प्रतिफल मां गंगा यहीं पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। मान्यता है कि यहां की धारा में डुबकी लगाने से जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।
यदि आप शारीरिक रूप से यात्रा पर नहीं जा पाए हैं, तो इन 5 आसान तरीकों से घर बैठे पुण्य प्राप्त कर सकते हैं...
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