Falgun Month 2026: 2 फरवरी से होगा फाल्गुन का आगाज, शिव-कृष्ण की कृपा पाने के लिए अपनाएं ये नियम
Falgun Month 2026: साल का अंतिम महीना 'फाल्गुन' इस बार 2 फरवरी 2026 से शुरू हो रहा है। सुख-समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति के लिए इस महीने कुछ विशेष निय ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 01 Feb 2026 05:22:26 PM (IST)Updated Date: Sun, 01 Feb 2026 05:22:26 PM (IST)
2 फरवरी से होगा फाल्गुन महीने का आगाजHighLights
- फाल्गुन' इस बार 2 फरवरी 2026 से शुरू हो रहा है
- शिव-कृष्ण की कृपा पाने के लिए कई नियम हैं
- इस महीने कुछ विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य है
धर्म डेस्क। हिंदू पंचांग के अनुसार, साल का अंतिम महीना 'फाल्गुन' इस बार 2 फरवरी 2026 से शुरू हो रहा है। यह महीना न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह शीत ऋतु की विदाई और वसंत के आगमन का प्रतीक भी है। भगवान शिव, श्रीकृष्ण और चंद्र देव की उपासना के लिए समर्पित यह मास जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करता है। सुख-समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति के लिए इस महीने कुछ विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य माना गया है।
फाल्गुन मास में क्या करें? (Do's)
- इस महीने भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप और युवा स्वरूप की पूजा अत्यंत फलदायी है। उन्हें प्रतिदिन गोपी चंदन अर्पित करना सौभाग्य लाता है।
- महाशिवरात्रि इसी महीने आती है, अतः पूरे मास शिवलिंग पर सफेद फूल और बिल्व पत्र अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
- अपनी क्षमतानुसार शुद्ध घी, तिल, मौसमी वस्त्र और सरसों के तेल का दान करें।
- फाल्गुन आनंद का महीना है, इसलिए सदैव प्रसन्न रहें और हल्के रंगों के वस्त्र धारण करें। साथ ही जल के देवता वरुण देव की उपासना करें।
फाल्गुन महीने में क्या न करें? (Don'ts)
- इस महीने सूर्योदय के बाद तक सोना वर्जित है। जल्दी उठने से मानसिक स्पष्टता और ग्रहों का शुभ प्रभाव मिलता है।
- आध्यात्मिक ऊर्जा को संचित करने के लिए तामसिक भोजन और नशीली वस्तुओं से पूर्णतः दूरी बनाएं।
- यह प्रेम का महीना है, इसलिए किसी का अपमान करने या वाद-विवाद में पड़ने से घर की बरकत रुक सकती है।
- ऋतु परिवर्तन के कारण भारी या बासी भोजन न करें, अन्यथा स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
फाल्गुन 2026 महीने के प्रमुख व्रत-त्योहार
- 15 फरवरी: महाशिवरात्रि (शिव-शक्ति मिलन)
- 27 फरवरी: आमलकी एकादशी
- 03 मार्च: होलिका दहन
- 04 मार्च: धुलेंडी (होली)
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