
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। पंचांग की गणना के अनुसार 14 अप्रैल को सूर्य मीन राशि को छोड़कर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही एक माह से चल रहे मलमास का समापन हो जाएगा। मलमास समाप्त होते ही शुभ मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। इस बार 20 अप्रैल को आखातीज से विवाह, गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत आदि शुभ मांगलिक कार्यों के सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त शुरू होंगे।
ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला ने बताया नवग्रह के राजा सूर्य 14 अप्रैल को सुबह 9 बजकर 52 मिनट पर मीन राशि को छोड़कर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। मेष राशि में सूर्य अपने उच्च अंश पर अवस्थित होते हैं। मेष राशि के स्वामी मंगल है, यह सूर्य की मित्र राशि मानी जाती है। इस राशि में सूर्य का प्रवेश होने पर मांगलिक कार्यों का शुभारंभ हो जाता है। एक माह विभिन्न व्रत त्यौहार भी मनाए जाते हैं।
यज्ञोपवित
चौल कर्म (मुंडन संस्कार)
पंचांग की गणना के अनुसार 14 अप्रैल से 14 मई तक सूर्य मेष राशि में परिभ्रमण करेंगे। इस एक माह में यह पर्व त्यौहार खास रहेंगे।
अप्रैल माह
15 को प्रदोष,17 वैशाखी अमावस्या, 19 को परशुराम जयंती, 20 को अक्षय तृतीया, 21 को शंकराचार्य जयंती, 22 को रामानुजन आचार्य जयंती, 23 को गंगा उत्पत्ति गंगा सप्तमी, 24 को बगलामुखी जयंती, 25 को सीता नवमी जानकी जयंती, 27 को मोहिनी एकादशी, 29 को प्रदोष व्रत, 30 को नरसिंह जयंती।
मई माह
1 में को वैशाखी पूर्णिमा, 3 को नारद जयंती, 5 को अंगारक संकष्टी चतुर्थी, 13 को अपरा एकादशी का व्रत रहेगा।
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