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सोमवती अमावस्या पर दुर्लभ संयोग: शिव-पार्वती और पितरों की पूजा से दूर होंगे संकट, आज खत्म होगा अधिकमास

इस अधिकमास की सोमवती अमावस्या को भगवान शिव, माता पार्वती और पितरों की पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

By Jogendra SenEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Mon, 15 Jun 2026 10:29:04 AM (IST)Updated Date: Mon, 15 Jun 2026 10:30:58 AM (IST)
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सोमवती अमावस्या पर दुर्लभ संयोग: शिव-पार्वती और पितरों की पूजा से दूर होंगे संकट, आज खत्म होगा अधिकमास
भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक करती महिला। एआई से बना चित्र

HighLights

  1. महिलाएं माता तुलसी को सजाकर 108 परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की करेंगीं कामना
  2. . ग्वालियर के सनातन धर्म मंदिर में होंगे भव्य धार्मिक आयोजन और भजन-कीर्तन
  3. 21 जून से फिर शुरू होंगे शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। पुरुषोत्तम मास समाप्ति के साथ 15 जून सोमवार को सर्वार्थसिद्धि योग में सोमवती अमावस्या पूर्ण श्रद्धा-भाव के साथ मनाई जाएगी। सनातन धर्म में इस तिथि का बहुत अधिक महत्व माना जाता है, जो सुख-सौभाग्य, पितृ दोष मुक्ति और अखंड सौभाग्य के लिए विशेष फलदायी है। यह इस साल की पहली सोमवती अमावस्या है। इस अधिकमास की सोमवती अमावस्या को भगवान शिव, माता पार्वती और पितरों की पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

मान्यता है कि इस दिन पति-पत्नी साथ मिलकर शिव-शक्ति की आराधना करें, तो उनके वैवाहिक जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं। इसके अलावा पितरों की शांति के लिए किए गए तर्पण और दान-पुण्य से वंश वृद्धि और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। जब बात ‘अधिक मास’ (पुरुषोत्तम मास) की अमावस्या की हो, तो इसका आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व कई गुना अधिक बढ़ जाता है। अमृत और सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह पांच बजकर 23 मिनट से सुबह सात बजकर आठ मिनट तक रहेगा।


नगर के प्रमुख मंदिर सनातन धर्म मंदिर, जनकगंज स्थित श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर, फालका बाजार स्थित श्रीराम मंदिर, थाटीपुर स्थित द्वारिकाधीश मंदिर व किलागेट पर स्थित जानकी वल्लभ मंदिर में ठाकुरजी के विग्रह का विशेष शृंगार होगा और खीर-पूड़ी के साथ कई प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा। महिलाएं माता तुलसी की 108 परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगीं।

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आज समाप्त होगा अधिकमास, बजेंगी शहनाइयां

अधिक मास यानी पुरुषोत्तम मास 15 जून सोमवार को मिथुन संक्रांति पर समाप्त हो जाएगा, और मांगलिक कार्य विवाह आदि प्रारंभ हो जाएंगे। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि अधिक मास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और नए व्यापार की शुरुआत जैसे मांगलिक कार्यो पर रोक लगी हुई थी। हिंदू पंचांग के अनुसार, मलमास 15 जून से समाप्त होने के बाद अब 21 जून से विवाह के शुभ मुहूर्त दोबारा शुरू हो रहे हैं। जून और जुलाई के महीनों में शादी-विवाह के लिए निम्नलिखित तिथियां अत्यंत शुभ मानी गई हैं।

सनातन धर्म मंदिर में होंगे विशेष धार्मिक आयोजन

श्रीसनातन धर्म मंदिर में पुरुषोत्तम मास की पुण्यदायिनी सोमवती अमावस्या का पर्व सोमवार को मनाया जाएगा। समिति के अध्यक्ष विजय गोयल, प्रधानमंत्री रमेश चंद्र गोयल ‘लल्ला’ एवं कोषाध्यक्ष राकेश बंसल ने बताया कि पुरुषोत्तम मास और सोमवती अमावस्या का यह दुर्लभ एवं अत्यंत पुण्यदायी संयोग श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर भगवान श्रीचक्रधर भगवान एवं श्रीगिरिराजधरण का आकर्षक एवं मनमोहक शृंगार किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस अवसर पर भजन-कीर्तन, भगवान के नाम का संकीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। श्रद्धालु भगवान के दर्शन, पूजन एवं आराधना कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। संध्या आरती उपरांत भक्तजनों के लिए प्रसाद वितरण भी किया जाएगा। प्रसाद वितरण के सेवा मनोरथी कार्यकारिणी सदस्य शैलेंद्र बंसल रहेंगे।