
धर्म डेस्क। साल 2026 की शुरुआत में भले ही शादियों का शोर फीका रहा हो, लेकिन अब इंतजार खत्म होने वाला है। आमतौर पर मकर संक्रांति के बाद खरमास समाप्त होते ही शादियां शुरू हो जाती हैं, लेकिन इस साल जनवरी में 'शुक्र ग्रह' के अस्त होने के कारण मांगलिक कार्यों पर विराम लगा रहा। अब 1 फरवरी 2026 को शुक्र देव के उदय होते ही विवाह का सिलसिला दोबारा शुरू हो जाएगा।
वैदिक ज्योतिष में शुक्र को सुख, भोग और वैवाहिक आनंद का कारक माना गया है, जबकि गुरु (बृहस्पति) सौभाग्य और संतान के कारक हैं। जब ये ग्रह अस्त होते हैं, तो इसे 'तारा डूबना' कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, शुक्र के अस्त रहते की गई शादियों में पति-पत्नी के बीच सामंजस्य और प्रेम की कमी रह सकती है। इसीलिए, शुक्र के उदय होने के बाद 2 फरवरी से पहला शुभ मुहूर्त बन रहा है।
इस साल 25 जुलाई 2026 को देवशयनी एकादशी है। इसी दिन से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाएंगे और चातुर्मास शुरू हो जाएगा। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में कोई मुहूर्त नहीं होगा। इसके बाद 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी के साथ भगवान जागेंगे और फिर से शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी।
फरवरी विवाह मुहूर्त 2026
5,6,8,10,12,14,19, 20, 21, 24,25,26
मार्च विवाह मुहूर्त 2026
2,3,4,7,8,9,11,12
अप्रैल विवाह मुहूर्त 2026
15,20,21,25,26,27,28,29
मई विवाह मुहूर्त 2026
1,3,5,6, 7,8,13,14
जून विवाह मुहूर्त 2026
21,22,23,24,25,26,27,29
जुलाई विवाह मुहूर्त 2026
1,6,7,11,12
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किस महीने में नहीं है विवाह मुहुर्त
अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में विवाह का कोई भी मुहूर्त नहीं है।
नवंबर विवाह मुहूर्त 2026
21,24,25,26
दिसंबर विवाह मुहूर्त 2026
2,3,4,5,6,11,12
यदि आप या आपके परिचित इस साल विवाह के बंधन में बंधने की योजना बना रहे हैं, तो फरवरी, मार्च और मई के महीने सबसे ज्यादा व्यस्त रहने वाले हैं। जुलाई के अंतिम सप्ताह से लेकर नवंबर के मध्य तक शादियों पर ब्रेक रहेगा, इसलिए अपनी तैयारियों को इन्ही तिथियों के अनुसार अंतिम रूप दें।
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