
कपीश दुबे, नईदुनिया इंदौर। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांचवां टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच अंपायर नितिन मेनन के लिए भी खास होगा। यह 150वां अंतरराष्ट्रीय मैच होगा, जिसमें नितिन मैदानी अंपायर की भूमिका निभाने उतरेंगे। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे देश के एकमात्र अंपायर हैं। 42 साल के नितिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के एलीट पैनल में शामिल देश के एकमात्र अंपायर भी हैं।
भारत में उनके बाद सबसे ज्यादा मैचों में मैदानी अंपायर बनने का सम्मान पूर्व कप्तान एस. वेंकटराघवन के नाम हैं, जिन्होंने 125 मैचों में फैसला सुनाया है। इंदौर में बतौर क्रिकेटर अपना करियर प्रारंभ करने वाले नितिन ने जल्द ही बल्ला छोड़ फैसला सुनाने का फैसला कर लिया था। उनका यह कदम इस लिहाज से सफल रहा कि मध्य प्रदेश में कोई भी क्रिकेटर इतने अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेल सका, जितने अंतरराष्ट्रीय मैचों में नितिन ने अंपायरिंग की है।
नितिन मेनन ने वर्ष 2017 में भारत और इंग्लैंड के बीच कानपुर में खेले गए टी-20 मैच से बतौर मैदानी अंपायर पदार्पण किया था। इसके बाद से सटीक फैसलों के चलते मैच दर मैच बीसीसीआई और आईसीसी का भरोसा नितिन पर बढ़ता गया। क्रिकेट के सबसे बड़े प्रारूप टेस्ट मैच में भी नितिन का पदार्पण उत्तर प्रदेश में ही हुआ।
लखनऊ में नवंबर 2019 में वेस्टइंडीज और अफगानिस्तान के बीच मैच उनका पहला टेस्ट था। वे अब तक 35 टेस्ट मैच, 62 वनडे और 52 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में मैदानी अंपायर की भूमिका निभा चुके हैं। इसके अलावा आईपीएल के 112 मैचों में मैदानी अंपायर का दायित्व निभा चुके हैं। नितिन के फैसलों की सटीकता का आलम ऐसा है कि आईपीएल में पिछले लगातार सात फाइनल मैचों (2019 से 2025) तक उन्हें ही मैदान में खड़े होकर फैसला सुनाने का जिम्मा बीसीसीआइ द्वारा सौंपा जा रहा है।
नितिन मेनन अब तक तीन टी-20 विश्व कप में अंपायरिंग कर चुके हैं। इनमें वर्ष 2021, 2022 और 2025 का विश्व कप शामिल है। वर्ष 2023 के वनडे विश्व कप में भी वे अंपायर थे। अगले माह होने वाला टी-20 विश्व कप में भी नितिन अंपारिंग करेंगे। एशेज सहित विश्व की तमाम महत्वपूर्ण सीरीज में नितिन दायित्व निभाते है। नितिन मेनन ने बतौर खिलाड़ी मध्य प्रदेश के लिए दो लिस्ट-ए मैच खेले हैं।
अंपायरिंग करते हुए उन्होंने टेस्ट मैचों में 12 बार टीवी अंपायर की भूमिका निभाई है। वहीं वनडे मैचों में वे 16 बार टीवी अंपायर रहे हैं जबकि टी-20 मैचों में ऐसा 27 बार किया है। नितिन ने महिला टी-20 मैचों में भी अंपायरिंग की जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने इस दौरान 13 मैचों में मैदानी अंपायर का दायित्व निभाया।
मेरे पिता नरेंद्र मेनन भी पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर रहे हैं। उन्होंने मुझे यही सिखाया कि खिलाड़ी के बड़े नाम से प्रभावित नहीं होना। मैं बल्लेबाज के चेहरे को नहीं, गेंद को देखता हूं। प्रशंसकों के शोर के बीच अपनी एकाग्रता पर ध्यान देता हूं। क्रिकेट के नियमों से स्वयं को अपडेट रखता हूं। मुझे खुशी है कि बीसीसीआई ने मेरी क्षमताओं पर भरोसा किया। मैं अपने फैसलों से उन पर खरा उतरने का सदैव प्रयास करता हूं। -नितिन मेनन