
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। संजोग निज्जर की नाबाद 66 रनों की पारी की बदौलत जबलपुर रॉयल लायंस ने मध्य प्रदेश लीग टी-20 टूर्नामेंट के मैच में ग्वालियर चीतास के खिलाफ आखिरी ओवर में तीन विकेट से रोमांचक जीत हासिल की। ग्वालियर चीतास ने पांच विकेट पर 185 रन बनाए। जवाब में जबलपुर रायल लायंस ने 19.4 ओवर में सात विकेट खोकर जीत हासिल की।
मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग का मीडिया पार्टनर नईदुनिया है। होलकर स्टेडियम में रजत पाटीदार की अगुआई में ग्वालियर चीतास ने पांच विकेट पर 185 रनों का स्कोर खड़ा किया। कार्तिक परिहार और पार्थ चौधरी ने पारी की ठोस शुरुआत की और पहले विकेट के लिए 36 रन जोड़े। परिहार 17 गेंदों में 15 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद चौधरी ने कुलदीप गेही के साथ 30 रनों की साझेदारी की, लेकिन फिर वे 39 रन बनाकर पवैलियन लौट गए।
गेही ने इसके बाद कप्तान रजत पाटीदार के साथ पारी को मजबूती दी। इस जोड़ी ने तीसरे विकेट के लिए 80 रनों की भागीदारी की। पाटीदार भाग्यशाली रहे, जिन्हें नोबाल होने से जीवनदान मिला। मगर वे लंबी पारी नहीं खेल सके और 27 गेंदों पर 37 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें रितिक टाडा की गेंद पर राहुल बाथम ने लपका। दूसरे छोर पर कुलदीप गेही ने 39 गेंदों पर 57 रन बनाए।
अंतिम ओवरों में अर्पित पटेल ने 12 गेंदों पर नाबाद 21 रनों की पारी खेली। जबलपुर रायल लायंस के लिए पुनीत दाते सबसे किफायती रहे, जिन्होंने चार ओवरों में 23 रन देकर एक विकेट लिया। जवाब में रायल लायंस की शुरुआत मुश्किल रही। टीम 12वें ओवर तक उनका स्कोर 86 रनों के स्कोर पर पांच विकेट गंवा चुकी थी। टीम के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज अजय रोहेरा भी थे, जिन्होंने सिर्फ 16 रन बनाए।

ऐसे में कप्तान राहुल बाथम और संजोग निज्जर ने मिलकर पारी को संभाला। दोनों ने 61 रनों की अहम भागीदारी की। आखिरी चार ओवरों में जीत के लिए 50 रनों की जरूरत थी। बाथम की संघर्षपूर्ण पारी संजोग के साथ गलतफहमी के कारण खत्म हुई।
वह 16 गेंदों में 21 रन बनाकर रन आउट हो गए। अब लायंस को आखिरी 20 गेंदों में 39 रनों की जरूरत थी। निज्जर ने जिम्मेदारी ली और टीम को जीत दिलाकर ही वापस लौटे। इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने सिर्फ 30 गेंदों में नाबाद 66 रनों की पारी खेली।

जीत के बाद संजोग ने कहा- मैं सबसे पहले भगवान को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे ऐसे मंच पर बल्लेबाजी करने और खुद को साबित करने का मौका दिया। टीम प्रबंधन ने मुझ पर बहुत भरोसा दिखाते हुए मैच खत्म करने की जिम्मेदारी सौंपी। इससे मुझे आत्मविश्वास मिला। अगर आप खुद पर भरोसा नहीं करते, तो सफल होना बहुत मुश्किल हो जाता है।
टीम प्रबंधन से संदेश बहुत सीधा था कि गेंद को ध्यान से देखो और उसी के हिसाब से खेलो। मैंने शांत रहने, सही तरीके से सांस लेने और अपने इरादे साफ रखने पर ध्यान दिया। हम हमेशा सकारात्मक सोच बनाए रखने की बात करते हैं। जब आपकी सोच सकारात्मक होती है और इरादे सही होते हैं, तो चीजें आमतौर पर अपने आप सही हो जाती हैं।