पाकिस्तान की जिद से क्रिकेट जगत में हड़कंप, मैच न खेलने के फैसले से दांव पर कैसे लगे ₹4500 करोड़, समझें पूरा गणित
T20 World Cup 2026: क्रिकेट जगत में 1 फरवरी 2026 की शाम एक ऐसी खबर आई जिसने खेल की दुनिया से लेकर कॉरपोरेट गलियारों तक हड़कंप मचा दिया है। पाकिस्तान स ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 02 Feb 2026 04:21:14 PM (IST)Updated Date: Mon, 02 Feb 2026 04:21:14 PM (IST)
पाकिस्तान की जिद से क्रिकेट जगत में हड़कंप।HighLights
- पाकिस्तान की जिद ने क्रिकेट इकोनॉमी पर छोड़ा एटम बम
- पाकिस्तान के बहिष्कार के फैसले से खतरे में 4500 करोड़
- ग्लोबल क्रिकेट के 'पावर हाउस' में लग सकता है ताला
स्पोर्ट्स डेस्क। क्रिकेट जगत में 1 फरवरी 2026 की शाम एक ऐसी खबर आई जिसने खेल की दुनिया से लेकर कॉरपोरेट गलियारों तक हड़कंप मचा दिया है। पाकिस्तान सरकार ने अपनी टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत भेजने की अनुमति तो दे दी, लेकिन 15 फरवरी को होने वाले 'महामुकाबले' (भारत बनाम पाकिस्तान) का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है। यह केवल एक मैच का रद्द होना नहीं है, बल्कि ग्लोबल क्रिकेट की उस रीढ़ की हड्डी को तोड़ना है, जिस पर पूरा खेल टिका हुआ है।
क्यों है यह मैच क्रिकेट का 'पावर बैंक'?
भारत और पाकिस्तान का मुकाबला क्रिकेट का 'प्रीमियम प्रोडक्ट' माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अकेले इस मैच की आर्थिक वैल्यू लगभग 4500 करोड़ रुपये ($500 Million) आंकी गई है। यह राशि कई छोटे देशों के कुल खेल बजट से भी बड़ी है।
अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले 4 बड़े 'इफेक्ट'
1. ब्रॉडकास्टर्स की 'हार्टबीट' तेज
- जब भारत और पाकिस्तान भिड़ते हैं, तो टीवी और मोबाइल पर विज्ञापन के भाव आसमान छूने लगते हैं।
- 10 सेकंड के विज्ञापन की कीमत ₹25 लाख से ₹40 लाख।
- अकेले विज्ञापनों से ₹300 करोड़ से अधिक की कमाई।
- 'जियो-स्टार' जैसे ब्रॉडकास्टर्स ने करोड़ों का निवेश इसी मैच के भरोसे किया है। अगर मैच नहीं हुआ, तो वे ICC से भारी रिफंड या हर्जाने की मांग करेंगे।
2. छोटे देशों के लिए 'बजट कटौती' का डर
- ICC को होने वाली कुल कमाई का एक बड़ा हिस्सा आयरलैंड, नीदरलैंड्स और अफगानिस्तान जैसे छोटे देशों के बोर्ड्स को जाता है।
- ICC का राजस्व गिरते ही इन देशों को मिलने वाले फंड में सीधी कटौती होगी, जिससे वहां क्रिकेट का विकास रुक जाएगा।
3. PCB के लिए 'अस्तित्व' की लड़ाई
- पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) वर्तमान में ICC के रेवेन्यू शेयर (लगभग 5.75%) पर काफी हद तक निर्भर है।
- मैच से हटने पर PCB को न केवल टूर्नामेंट एग्रीमेंट के उल्लंघन के लिए भारी जुर्माना भरना होगा, बल्कि ब्रॉडकास्टर्स के नुकसान की भरपाई भी करनी पड़ सकती है।
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4. पर्यटन और स्पॉन्सरशिप का घाटा
मैच के दौरान होटल्स, फ्लाइट्स और लोकल बिजनेस को जो बूस्ट मिलता है, वह पूरी तरह खत्म हो जाएगा। बड़ी कंपनियां (स्पॉन्सर्स) इस हाई-प्रोफाइल मैच के रद्द होने पर अपने हाथ पीछे खींच सकती हैं।
आईसीसी की चेतावनी
आईसीसी ने इस मुद्दे पर जो रुख अपनाया है, वह स्पष्ट करता है कि यह मामला केवल राजनीति का नहीं बल्कि अरबों रुपये के उस निवेश का है जिस पर वैश्विक क्रिकेट का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) टिका हुआ है। अगर पाकिस्तान अपने फैसले पर अड़ा रहता है, तो क्रिकेट की दुनिया एक बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ सकती है।