
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर के वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर चिप डिजाइन की जटिल प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने वाला साफ्टवेयर टूल एस्पायर एचएलएस विकसित किया है।
विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग की हार्डवेयर सिक्योरिटी एंड रिलायबिलिटी लैब के प्रो. अनिर्बन सेनगुप्ता और उनकी टीम ने करीब 10 वर्षों के शोध के बाद इसे तैयार किया है। खास बात यह है कि यह टूल अब विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।
एस्पायर एचएलएस की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसके सार्वजनिक होने के कुछ ही समय में इसका उत्पाद पैकेज, जिसमें बेंचमार्क और ट्यूटोरियल भी शामिल हैं। अमेरिका, यूरोप, एशिया और अफ्रीका के 60 से अधिक देशों में डाउनलोड किया जा चुका है। अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैंड, सिंगापुर, चीन, वियतनाम, रूस, स्पेन, जर्मनी, ब्राजील, संयुक्त अरब अमीरात, पोलैंड, जॉर्जिया और जापान जैसे देशों के इंजीनियर और शोधकर्ता इसका उपयोग कर रहे हैं।
एस्पायर एचएलएस का काम किसी जटिल मशीन का नक्शा तैयार करना है। चिप बनाने से पहले इंजीनियर तय करते हैं कि वह क्या काम करेगी। इसके बाद इस विचार को एक विस्तृत सर्किट डिजाइन में बदलना पड़ता है, जिसके आधार पर वास्तविक चिप तैयार की जाती है।
यह काम आमतौर पर काफी समय लेने वाला होता है और इसमें विशेषज्ञों को बार-बार कई प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती हैं। एस्पायर एचएलएस इस काम के बड़े हिस्से को स्वचालित कर देता है। इंजीनियर ने तैयार किए गए उच्च-स्तरीय चिप डिजाइन को यह अपने आप निर्माण योग्य विस्तृत सर्किट ब्लूप्रिंट में बदलने में मदद करता है। साथ ही चिप का आकार कम रखने और उसकी काम करने की गति बढ़ाने के बीच बेहतर संतुलन बनाने में भी सहायता करता है।
यह सॉफ्टवेयर खासतौर पर उन इलेक्ट्रानिक उपकरणों और प्रणालियों के लिए उपयोगी है। जहां बहुत कम समय में बड़ी मात्रा में डेटा का प्रसंस्करण करना होता है। इसके प्रमुख उपयोग क्षेत्रों में स्मार्टफोन, कैमरा, म्यूजिक सिस्टम, डिजिटल सिग्नल प्रोसेसिंग (डीएसपी), मल्टीमीडिया सिस्टमर अन्य डेटा-इंटेंसिव इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। इसकी मदद से ऐसे हार्डवेयर विकसित किए जा सकते हैं, जिन्हें तेज गति से डेटा संभालना होता है। उदाहरण के तौर पर कैमरे में तस्वीर और वीडियो से जुड़े डेटा की प्रोसेसिंग, स्मार्टफोन में विभिन्न डिजिटल कार्यों का तेज संचालन तथा म्यूजिक सिस्टम में ऑडियो डेटा का प्रसंस्करण जैसी जरूरतों में यह तकनीक उपयोगी हो सकती है।
बाजार में उपलब्ध कई हाई-लेवल सिंथेसिस टूल महंगे हैं। जबकि कई अकादमिक टूल सीमित सुविधाओं वाले हैं। एस्पायर एचएलएस में कई महत्वपूर्ण क्षमताएं एक ही मंच पर उपलब्ध हैं और इसे मुफ्त इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराया गया है। इससे विद्यार्थियों, छोटे शोध समूहों और संसाधन सीमित संस्थानों को उन्नत चिप डिजाइन तकनीक तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी।
निदेशक प्रो. सुहास जोशी ने इसे स्वदेशी तकनीक के विकास और वैश्विक स्तर पर उपयोगी नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। प्रो. अनिर्बन सेनगुप्ता के मुताबिक एस्पायर एचएलएस सार्वजनिक रूप से उपलब्ध एंड-टू-एंड हाई-लेवल सिंथेसिस टूल है, जिसे खासतौर पर डीएसपी और मल्टीमीडिया जैसे डेटा-इंटेंसिव एप्लीकेशंस के लिए विकसित किया गया है। यह सी कोड और डेटा फ्लो ग्राफ जैसे उच्च-स्तरीय डिजाइन इनपुट के साथ काम करता है।
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