इलेक्ट्रिक कुकिंग एलपीजी से पड़ेगी सस्ती, हर सात 3 हजार रुपये तक की हो सकती है बचत
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सस्टेनेबल डेवलपमेंट की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 1500 वॉट का इंडक्शन चलाने से दिन में तीन यूनिट बिजली लगती है, जो गैस से सस्ता ह ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 22 Mar 2026 01:10:37 PM (IST)Updated Date: Sun, 22 Mar 2026 01:15:40 PM (IST)
गैस की तुलना में इलेक्ट्रिक कुकिंग ज्यादा सुरक्षित और कम खर्च वाली है। - प्रतीकात्मक तस्वीरHighLights
- इंडक्शन पर खाना गैस की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत तेजी से बनता है
- ऊर्जा की बर्बादी न्यूनतम होती है क्योंकि गर्मी सीधे बर्तन के तल तक पहुंचती है
- वहीं आग लगने का खतरा इलेक्ट्रिक कुकिंग में न के बराबर होता है
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। एलपीजी संकट और सिलिंडरों की 'पैनिक बुकिंग' के बीच इलेक्ट्रिक कुकिंग किफायती हो सकती है। सिलिंडर के लिए घंटों कतार में लगने और पीएनजी की बढ़ती कीमतों के बीच 'इलेक्ट्रिक कुकिंग' अब सबसे भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरी है।
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सस्टेनेबल डेवलपमेंट की ताजा रिपोर्ट ने भी इस बात पर मुहर लगा दी है कि इंडक्शन और इलेक्ट्रिक उपकरणों पर खाना बनाना, पारंपरिक गैस चूल्हे की तुलना में न केवल सुविधाजनक है, बल्कि जेब पर भी हल्का है।
आईआईएसडी की रिपोर्ट : सालाना तीन हजार से अधिक की बचत
आईआईएसडी की रिपोर्ट में गैस संकट के दौरान किए गए तुलनात्मक अध्ययन के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, एक औसत भारतीय परिवार का सालभर का खर्च इस प्रकार है
- एलपीजी (सिलिंडर) : यदि किसी घर में एक सिलिंडर महीने में लगता है। तो साल भर में 12 सिलिंडर लगेंगे। एक सिलिंडर की कीमत करीब एक हजार है।
- पीएनजी (पाइपलाइन) : इसका खर्च भी करीब 12 हजार रुपये के आसपास ही बैठता है।
- इलेक्ट्रिक कुकिंग (इंडक्शन) : यदि पूरा खाना बिजली पर बनाया जाए, तो यह खर्च घटकर मात्र 8160 रुपये रह जाता है। यदि किसी घर में 1500 वॉट का इंडक्शन जलाया जाता है तो दिन में तीन यूनिट खर्च होती हैं।
बढ़ा इंडक्शन का क्रेज
पिछले एक सप्ताह में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री में उछाल देखा गया है। दुकानदार बताते हैं कि लोग अब केवल बैकअप के लिए नहीं, बल्कि मुख्य कुकिंग माध्यम के रूप में इंडक्शन, इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर और एयर-फ्रायर खरीद रहे हैं।
क्यों है बिजली का विकल्प बेहतर
- स्थिर दरें : एलपीजी और पीएनजी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के कारण हर महीने घटती-बढ़ती रहती हैं, जिससे घरेलू बजट बिगड़ जाता है। इसके विपरीत, बिजली की दरें लंबे समय तक स्थिर रहती हैं।
- समय की बचत : इंडक्शन पर खाना गैस की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत तेजी से बनता है। इसमें ऊर्जा की बर्बादी न्यूनतम होती है क्योंकि गर्मी सीधे बर्तन के तल तक पहुंचती है।
- सुरक्षा : गैस लीकेज या आग लगने का खतरा इलेक्ट्रिक कुकिंग में न के बराबर होता है, जो इसे आधुनिक किचन के लिए सुरक्षित बनाता है।
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