योग दिवस: योगासन गलत हुआ तो तुरंत टोक देगा यह स्मार्ट एआई एप
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग आधारित इस एप का नाम ‘एंहांसिंग योगा प्रैक्टिस थ्रू मशीन लर्निंग विद रियल टाइम पोजिशन रिकाग्न...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 21 Jun 2026 01:27:46 PM (IST)Updated Date: Sun, 21 Jun 2026 01:27:46 PM (IST)
इस तरह तरह लाइव देखकर योग की जानकारी देगा एप। प्रो. केके शर्मा, विभागाध्यक्ष, आइटी विभाग, एसजीएसआईटीएस (सौजन्य)HighLights
- योग गुरु : इंदौर के एसजीएसआईटीएस ने विकसित किया स्मार्ट एप
- लाइव आसन पहचानकर देगा सुधार के सुझाव, 108 योग मुद्राओं को शामिल करने की तैयारी
- योगाभ्यास के दौरान व्यक्ति की मुद्रा को लाइव पहचानकर तत्काल बता सकेगा कि आसन सही है या नहीं
भरत मानधन्या, नईदुनिया, इंदौर। अब योग करते समय प्रशिक्षक की कमी महसूस नहीं होगी। इंदौर में विकसित एक एआई आधारित मोबाइल एप आपकी हर मुद्रा पर नजर रखेगा और तुरंत बताएगा कि योगासन सही है या उसमें सुधार की जरूरत है।
श्री गोविंदराम सेकसरिया इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी एंड साइंस (एसजीएसआइटीएस) के शोधार्थियों ने ऐसा स्मार्ट मोबाइल एप विकसित किया है, जो योगाभ्यास के दौरान व्यक्ति की मुद्रा को लाइव पहचानकर तत्काल बता सकेगा कि आसन सही किया जा रहा है या उसमें सुधार की आवश्यकता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग आधारित इस एप का नाम ‘एंहांसिंग योगा प्रैक्टिस थ्रू मशीन लर्निंग विद रियल टाइम पोजिशन रिकाग्निशन एंड अलर्ट सिस्टम’ रखा गया है। एप विकसित किया जा चुका है। शुरुआती संस्करण में 13 प्रमुख योगासन शामिल किए गए हैं, जिनमें सूर्य नमस्कार भी शामिल है। इसे अधिक सक्षम बनाने पर काम चल रहा है। शोधार्थियों का लक्ष्य इसमें 108 प्रमुख योग मुद्राओं और आसनों को शामिल करने के बाद इसे आम लोगों के लिए लांच करना है।
घर बैठे योग प्रशिक्षक जैसा मार्गदर्शन
आज बड़ी संख्या में लोग घर पर ही मोबाइल या टीवी के सामने योग करते हैं। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या यह रहती है कि उन्हें पता नहीं चल पाता कि उनकी मुद्रा सही है या नहीं। यही समस्या इस एप के विकास का आधार बनी। योग साधक को केवल अपने मोबाइल या टीवी स्क्रीन पर एप शुरू करना होगा। इसके बाद कैमरा उसकी गतिविधियों को लाइव रिकार्ड करेगा। एप शरीर के विभिन्न अंगों की स्थिति, कोण और आसन की संरचना का विश्लेषण कर स्क्रीन पर बताएगा कि मुद्रा सही है या नहीं। यदि किसी आसन में त्रुटि होगी तो उसे सुधारने के लिए आवश्यक सुझाव भी तत्काल स्क्रीन पर दिखाई देंगे। योगाभ्यास की रिकार्डिंग सुरक्षित रखने की सुविधा भी एप में होगी, जिससे उपयोगकर्ता बाद में अपनी गलतियों और प्रगति का विश्लेषण कर सकेंगे।
छह लाख से अधिक तस्वीरों से हुई ट्रेनिंग
आसनों को पहचानने के लिए एआइ माडल को छह लाख दस हजार से अधिक तस्वीरों से प्रशिक्षित किया गया है। ये तस्वीरें ओपन सोर्स प्लेटफार्म और संस्थान में आयोजित योग कार्यक्रमों से जुटाई गईं। माडल को प्रशिक्षित करने से पहले तस्वीरों का विशेष प्रोसेसिंग और परिशोधन किया गया, ताकि परिणाम अधिक सटीक मिल सकें।
एंड्रायड और आईओएस दोनों पर चलेगा
शोधार्थियों के अनुसार, यह मोबाइल एप एंड्रायड और आइओएस दोनों प्लेटफार्म पर उपलब्ध होगा। हालांकि इसकी कार्यक्षमता काफी हद तक कैमरे की गुणवत्ता और पर्याप्त रोशनी पर निर्भर करेगी। कम रोशनी या अस्पष्ट दृश्य में परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।
94 प्रतिशत तक सटीकता
टीम का दावा है कि वर्तमान में एप की सटीकता 93 से 94 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इसे और बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त तस्वीरों के जरिए प्रशिक्षण जारी है। भविष्य में सामूहिक योग कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की मुद्राओं के विश्लेषण के लिए ड्रोन आधारित इमेजिंग का उपयोग किया जाएगा। साथ ही आगमेंटेड रियलिटी (एआर) और वर्चुअल रियलिटी (वीआर) जैसी तकनीकों को भी इससे जोड़ा जाएगा। इस परियोजना को मध्य प्रदेश परिषद विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (एमपीसीएसटी) से 7.10 लाख रुपये का अनुसंधान अनुदान मिला है। इसमें से 5.40 लाख रुपये की पहली किस्त जारी की जा चुकी है।
ये हैं टीम में
- प्रो. ललित पुरोहित
- डा. उपेंद्र सिंह
- नवनीत त्रिपाठी (शोधार्थी)
- मार्गदर्शन : प्रो. के.के. शर्मा, विभागाध्यक्ष, आईटी विभाग, एसजीएसआईटीएस
योगासन की त्रुटियों को तत्काल पहचानकर सुधार संबंधी सुझाव देता है
हमने ऐसा स्मार्ट प्लेटफार्म विकसित किया है जो योगासन की त्रुटियों को तत्काल पहचानकर सुधार संबंधी सुझाव देता है। यह तकनीक भविष्य में फिटनेस, हेल्थकेयर, पुनर्वास और डिजिटल वेलनेस के क्षेत्र में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। - प्रो. के.के. शर्मा, विभागाध्यक्ष, आईटी विभाग, एसजीएसआईटीएस