नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम ने गर्भगृह में जाकर किया बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा आसाराम पिछले दो दिनों से हरहुआ के अनौरा स्थित अपने आश्रम में ठहरा हुआ है। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 16 Mar 2026 02:50:04 PM (IST)Updated Date: Mon, 16 Mar 2026 02:51:23 PM (IST)
HighLights
- 12 वर्षों बाद आश्रम में अचानक बढ़ी चहल-पहल
- मोबाइल फोन मुख्य द्वार पर ही जमा कराए जा रहे
- सेवादारों को निर्देश, कोई भी गतिविधि कैमरे में कैद न हो
डिजिटल डेस्क। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा आसाराम पिछले दो दिनों से हरहुआ के अनौरा स्थित अपने आश्रम में ठहरा हुआ है। आशाराम इन दिनों चिकित्सकीय कारणों से पैरोल पर बाहर है। रविवार शाम वह कड़े पुलिस सुरक्षा घेरे में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम पहुंचा, जहां उसने गर्भगृह में जाकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया।
दर्शन के बाद उसका काफिला वापस हरहुआ स्थित आश्रम के लिए रवाना हो गया। बताया जा रहा है कि आसाराम शुक्रवार से ही आश्रम में ठहरा हुआ है। उसके यहां ठहरने की सूचना फैलते ही बिहार समेत पूर्वांचल के कई जिलों से बड़ी संख्या में अनुयायी आश्रम पहुंचने लगे।
12 वर्षों बाद आश्रम में अचानक बढ़ी चहल-पहल
करीब 12 वर्षों बाद आश्रम में अचानक बढ़ी चहल-पहल से आसपास का सन्नाटा टूट गया और लग्जरी गाड़ियों की आवाजाही से पूरा इलाका गुलजार हो उठा। इसी के साथ स्थानीय लोगों को भी आसाराम के आश्रम में मौजूद होने की जानकारी मिली।
मोबाइल फोन मुख्य द्वार पर ही जमा कराए जा रहे
आश्रम परिसर में सुरक्षा और गोपनीयता के विशेष इंतजाम किए गए हैं। सत्संग हाल में प्रवेश से पहले प्रत्येक अनुयायी की पहचान की जा रही है और उनके मोबाइल फोन मुख्य द्वार पर ही जमा कराए जा रहे हैं।
सेवादारों को निर्देश, कोई भी गतिविधि कैमरे में कैद न हो
सेवादारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आश्रम के भीतर की कोई भी गतिविधि कैमरे में कैद न हो। यदि कोई व्यक्ति छिपकर वीडियो बनाते हुए पकड़ा जाता है, तो उससे तुरंत वीडियो डिलीट कराया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, आसाराम ने दोपहर के समय कुछ देर के लिए अनुयायियों को संबोधित भी किया।
हालांकि भीड़ बढ़ने के कारण करीब दोपहर दो बजे उसका काफिला अलईपुर स्थित आश्रम के लिए रवाना हो गया। वहां से गंगा दर्शन करने के बाद वो श्रीकाशी विश्वनाथ धाम पहुंचा था।