यूपी में तालाबों के पट्टा आवंटन की प्रक्रिया होगी आसान, मत्स्य मंत्री संजय निषाद CM योगी को लिखेंगे पत्र
उत्तर प्रदेश में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए तालाबों के पट्टा आवंटन की प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी की जा रही है। ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 05 Mar 2026 05:09:52 PM (IST)Updated Date: Thu, 05 Mar 2026 05:11:53 PM (IST)
HighLights
- यूपी में मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाएगा
- कई स्थानों पर पट्टे आवंटित नहीं हो पा रहे
- एसडीएम स्तर से अनुमोदन मिलने में देरी
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए तालाबों के पट्टा आवंटन की प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी की जा रही है। मत्स्य पालन के लिए तालाबों के पट्टे देने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के उद्देश्य से मत्स्य विभाग अब प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है।
हाल ही में आयोजित मीन महोत्सव के दौरान प्रदेश के मत्स्य पालकों ने तालाबों के पट्टा आवंटन से जुड़ी कई समस्याएं सामने रखी थीं। मत्स्य पालकों का कहना था कि कई स्थानों पर पट्टे आवंटित नहीं हो पा रहे हैं और जहां चयन हो भी जाता है, वहां उपजिलाधिकारी (एसडीएम) स्तर से अनुमोदन मिलने में देरी हो रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा जाएगा
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विभाग मत्स्य पालकों की परेशानियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएगा।
प्रदेश में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक तालाबों के पट्टे आवंटित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य सहकारी समितियों का गठन कर उन्हें भी तालाबों के पट्टे दिए जा रहे हैं।
पट्टा आवंटन को लेकर उठीं कई शिकायतें
मीन महोत्सव के दौरान यह मुद्दा भी उठाया गया कि सहकारी समितियों के लिए तालाबों के पट्टा आवंटन की दर व्यक्तिगत पट्टों की तुलना में लगभग दोगुनी है। इसके अलावा कई स्थानों पर चयन के बाद भी एसडीएम स्तर से समय पर अनुमोदन न मिलने की शिकायतें सामने आईं।
कुछ मत्स्य पालकों ने पट्टा आवंटन में नियमों की अनदेखी होने की बात भी कही। इस पर मत्स्य मंत्री ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए सभी पात्र लोगों को तालाबों के पट्टे आसानी से उपलब्ध कराए जाएं।