फर्जी दस्तावेज के जरिए रक्षा मंत्रालय की संपत्ति बेचकर तीन करोड़ ठग लिए, वाराणसी में तीन गिरफ्तार
वाराणसी के राजधानी के चौक क्षेत्र में करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
Publish Date: Mon, 29 Jun 2026 03:22:42 PM (IST)Updated Date: Mon, 29 Jun 2026 03:22:42 PM (IST)
HighLights
- जल्द ही रजिस्ट्री कराने का भरोसा दिया था
- 'बरकत भवन' का सौदा 3.20 करोड़ में तय किया
- नामजद अन्य दो आरोपी फिलहाल फरार
डिजिटल डेस्क, वाराणसी। वाराणसी के राजधानी के चौक क्षेत्र में करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नील कॉटेज कॉलोनी निवासी मीरा अरोड़ा, उनकी बेटी रचना अरोड़ा तथा दुग्धविनायक क्षेत्र निवासी राजकुमार बाजपेई शामिल हैं। मामले में दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
एसीपी चौक डॉ. अतुल अंजन त्रिपाठी ने बताया कि कारोबारी आनंद कृष्ण अग्रवाल की शिकायत के आधार पर 10 जून को मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नील कॉटेज कॉलोनी स्थित 'बरकत भवन' का सौदा 3.20 करोड़ रुपये में तय किया गया था। सौदे के तहत शिकायतकर्ता ने चेक और आरटीजीएस के माध्यम से 1.50 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।
जल्द ही रजिस्ट्री कराने का भरोसा दिया था
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने विक्रय अनुबंध तैयार कर संपत्ति को बैंक के बंधक से मुक्त कराने और जल्द ही रजिस्ट्री कराने का भरोसा दिया था। हालांकि बाद में नगर निगम के अभिलेखों की जांच में पता चला कि संबंधित भवन रक्षा मंत्रालय की संपत्ति है, जिसका निजी स्तर पर क्रय-विक्रय संभव नहीं है।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये वसूल लिए
पीड़ित का आरोप है कि यह महत्वपूर्ण तथ्य जानबूझकर छिपाया गया और कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए उससे करोड़ों रुपये वसूल लिए गए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि शेष राशि नकद लेकर कुल लगभग तीन करोड़ रुपये की ठगी की गई। जब रकम वापस मांगी गई तो आरोपियों ने कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।
नामजद अन्य दो आरोपी फिलहाल फरार
चौक थाना पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में नामजद अन्य दो आरोपी सोनम अग्रवाल और कनिका मोहले फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। मामले की विवेचना जारी है।