'जॉनी-जॉनी यस पापा' कविता पर भड़के उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री, कहा- बच्चों को झूठ बोलना सिखाती है
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बच्चों की शिक्षा और संस्कारों को लेकर बड़ा बयान दिया है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 10 May 2026 02:52:16 PM (IST)Updated Date: Sun, 10 May 2026 03:33:29 PM (IST)
‘जॉनी-जॉनी यस पापा’ पर योगेंद्र उपाध्याय ने उठाए सवालHighLights
- मंत्री बोले- अंग्रेजी कविताएं नहीं देती भारतीय संस्कार
- ‘जॉनी-जॉनी यस पापा’ पर उठाए सवाल
- हिंदी कविताओं को बताया जीवन मूल्यों का आधार
डिजिटल डेस्क। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बच्चों की शिक्षा और संस्कारों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को भारतीय मूल्यों से जोड़ने की जरूरत है और यह काम पश्चिमी कविताओं से संभव नहीं हो सकता।
बच्चों को अच्छे संस्कार नहीं देतीं
मंत्री ने बच्चों की मशहूर अंग्रेजी कविता ‘जॉनी-जॉनी यस पापा’ का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी कविताएं बच्चों को अच्छे संस्कार नहीं देतीं, बल्कि झूठ बोलना सिखाती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और पारंपरिक हिंदी कविताओं में जीवन के गहरे मूल्य छिपे होते हैं, जिनसे बच्चों का चरित्र निर्माण होता है।
किस कविता पर उठाए सवाल
योगेंद्र उपाध्याय ने ‘रेन-रेन गो अवे, माय जॉनी वांट्स टू प्ले’ कविता का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें अपने सुख के लिए दूसरों की जरूरतों को नजरअंदाज करने की भावना दिखाई देती है। जबकि हिंदी कविताएं बच्चों को संवेदनशीलता, सहयोग और संस्कारों का पाठ पढ़ाती हैं।
कविताओं और लोकगीतों से ही पिछली पीढ़ियां बड़ी हुई
उन्होंने कहा कि पुरानी हिंदी कविताओं और लोकगीतों को पढ़ते-सुनते हुए ही पिछली पीढ़ियां बड़ी हुई हैं और इन्हीं से जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य सीखने को मिले। मंत्री ने यह बातें मंगलवार को मर्चेंट्स चैंबर में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह के दौरान कहीं।