
डिजिटल डेस्क, रायबरेली। उत्तर प्रदेश के मत्स्य पालकों के लिए राहत भरी खबर है। अब किसानों की फसलों की तरह तालाबों में पाली जाने वाली मछलियों का भी बीमा कराया जा सकेगा। राज्य सरकार ने मत्स्य पालकों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से मछली बीमा योजना शुरू की है।
इसके लिए यूपी फिश फार्मर ऐप विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से मत्स्य पालक आसानी से अपनी मछलियों का बीमा करा सकेंगे।
रायबरेली जनपद में करीब 2,873 तालाब और पोखरों में व्यावसायिक स्तर पर मत्स्य पालन किया जाता है। इस क्षेत्र से लगभग 2,600 पंजीकृत मत्स्य पालक जुड़े हुए हैं, जबकि हजारों लोगों की आजीविका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इसी व्यवसाय पर निर्भर है।
जिले में हर वर्ष करीब 31,403 टन मछली का उत्पादन होता है। मत्स्य पालन में अक्सर बाढ़, अत्यधिक बारिश, जलजनित बीमारियों, ऑक्सीजन की कमी या अन्य तकनीकी कारणों से बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हो जाती है। ऐसे मामलों में मत्स्य पालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और कई बार उनकी पूरी पूंजी दांव पर लग जाती है।
इसी जोखिम को कम करने के लिए सरकार ने मछली बीमा की व्यवस्था लागू की है। बीमा होने से प्राकृतिक आपदा या अन्य निर्धारित कारणों से मछलियों के नुकसान की स्थिति में मत्स्य पालकों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी, जिससे उनके व्यवसाय को सुरक्षा मिलेगी और नुकसान की भरपाई आसान होगी।
अधिकारियों के अनुसार, मछलियों का बीमा न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए पात्र मत्स्य पालक यूपी फिश फार्मर ऐप के जरिए आवेदन कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि यह पहल मत्स्य पालन व्यवसाय को बढ़ावा देने के साथ-साथ इस क्षेत्र से जुड़े हजारों परिवारों की आय को भी अधिक सुरक्षित बनाएगी।