यूपी SI भर्ती पेपर लीक मामला, 1400 युवाओं से जुड़े टेलीग्राम चैनल, मनी ट्रेल से गैंग तक पहुंचने की तैयारी
उत्तर प्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर (Sub Inspector) भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने के नाम पर युवाओं से ठगी करने के मामले में एसटीएफ ने जांच तेज कर दी है ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 15 Mar 2026 04:14:09 PM (IST)Updated Date: Sun, 15 Mar 2026 04:16:02 PM (IST)
HighLights
- टेलीग्राम चैनलों से चल रहा था खेल
- पैसे सीधे नकद में नहीं आते थे
- मोबाइल की फोरेंसिक जांच होगी
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर (Sub Inspector) भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने के नाम पर युवाओं से ठगी करने के मामले में एसटीएफ ने जांच तेज कर दी है। एक छात्र की गिरफ्तारी के बाद अब एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए मनी ट्रेल की जांच कर रही है।
जांच में सामने आया है कि आरोपित के पास पैसे सीधे नकद में नहीं आते थे, बल्कि अमेजन गिफ्ट वाउचर और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से लेनदेन किया जाता था। एसटीएफ अब मोबाइल डेटा के जरिए इन ट्रांजेक्शनों का विश्लेषण कर गैंग के अन्य सदस्यों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
टेलीग्राम चैनलों से चल रहा था खेल
जांच के अनुसार आरोपित ने तीन टेलीग्राम चैनल बनाए हुए थे, जिनसे करीब 1400 लोग जुड़े हुए थे। पुलिस भर्ती का पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर युवाओं से 10 हजार रुपये या उससे अधिक की रकम वसूली जाती थी।लखनऊ एसटीएफ की जांच में आगरा की इंजीनियर्स कॉलोनी में रहने वाले आयुष बघेल का नाम सामने आया।
वह अपनी मां के साथ किराए के मकान में रह रहा था। शुक्रवार को एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसी का मानना है कि इतनी बड़ी ठगी का नेटवर्क अकेले आयुष द्वारा संचालित होना संभव नहीं है और इसमें अन्य लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है।
मनी ट्रेल से खुलेंगे राज
एसटीएफ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगी के जरिए वसूले गए पैसे किन-किन माध्यमों से होकर गुजरे और आखिर किसके पास पहुंचे। इसके साथ ही टेलीग्राम चैनल कब बनाए गए और इन्हें कौन संचालित कर रहा था, इसकी जानकारी टेलीग्राम कंपनी से भी मांगी गई है।
शातिर तरीके से ली जाती थी रकम
एसटीएफ के अनुसार सैकड़ों युवाओं से लाखों रुपये की ठगी की आशंका है। रकम नकद न लेकर क्रिप्टोकरेंसी और अमेजन गिफ्ट वाउचर के जरिए ली जाती थी, जिससे ट्रैक करना मुश्किल हो सके।
इसके अलावा कुछ लोगों के बैंक खाते कमीशन का लालच देकर किराए पर लिए गए थे। इन खातों में आए पैसों को भी बाद में गिफ्ट वाउचर में बदल दिया जाता था।
मोबाइल की फोरेंसिक जांच होगी
एसटीएफ ने आयुष बघेल का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। मोबाइल की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि ठगी के इस नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपितों तक पहुंचा जा सके। इसके लिए साइबर एक्सपर्ट की भी मदद ली जा रही है।