
एजेंसी, वाराणसी। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों के लिए मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। 12 अगस्त तक राज्य के ज्यादातर जिलों में मानसूनी गतिविधियां धीमी रहेंगी, लेकिन 13 अगस्त से पूर्वांचल के रास्ते पूरे प्रदेश में मानसूनी बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है। इसके प्रभाव से कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी भूभाग पर बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ के दक्षिण की ओर चले जाने के कारण पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों को छोड़कर राज्य के मध्य और पूर्वी इलाकों में बारिश की रफ्तार थम सी गई है।
हालांकि, 12 अगस्त तक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र (Cyclonic Circulation) सक्रिय होने की संभावना है, जो आगे चलकर निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा। यह मौसमी तंत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा, जिससे 13 अगस्त से पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) में मानसून फिर से जोर पकड़ेगा। धीरे-धीरे बारिश का यह दायरा मध्य यूपी और फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक फैल जाएगा।
राज्य के कई जनपदों में तेज गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मानसून के इस री-एक्टिवेशन से न केवल लोगों को तपिश से निजात मिलेगी, बल्कि धान सहित अन्य खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए भी यह बारिश बेहद लाभदायक साबित होगी।
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