
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में प्रदेश सरकार ने छह प्रस्तावित नॉर्थ-साउथ हाईवे कॉरिडोर में से दो पर काम शुरू करने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया और भूमि अधिग्रहण की तैयारी तेज हो गई है। लगभग 725 करोड़ रुपये की लागत से शुरुआती 62 किमी के कार्यों को स्वीकृति मिली है, जबकि शेष 235 किमी का कार्य जल्द स्वीकृत होगा।
यह कॉरिडोर कुशीनगर से शुरू होकर देवरिया, दोहरीघाट, गाजीपुर और जमानिया होते हुए वाराणसी तक जाएगा। पीडब्ल्यूडी द्वारा कसया-देवरिया (31.5 किमी) और देवरिया-बरहज (21.75 किमी) मार्ग का निर्माण 342 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जाएगा। दोहरीघाट-गाजीपुर-वाराणसी खंड पहले से फोरलेन है। नए खंडों के जुड़ने से कुशीनगर और वाराणसी के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित पिपरी से सिद्धार्थनगर, बस्ती, सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ होते हुए यह मार्ग प्रयागराज तक बनेगा। शुरुआती चरण में पिपरी-बर्डपुर मार्ग (9.4 किमी) को स्वीकृति दी गई है। इस प्रोजेक्ट में पीडब्ल्यूडी 107 किमी और सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) 123 किमी हिस्से का निर्माण करेगा। यह कॉरिडोर शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और विंध्य एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को आपस में जोड़ेगा।
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पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने स्पष्ट किया कि इन कॉरिडोर के माध्यम से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि नेपाल सीमा से लेकर प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों तक पहुंच बेहद सुगम हो जाएगी।