बसपा विधायक उमाशंकर सिंह पर आयकर छापे के बाद यूपी की सियासत तेज, समर्थन में उतरे अखिलेश यादव
कैंसर से जूझ रहे बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ सहित अन्य ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद यूपी की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 26 Feb 2026 04:36:33 PM (IST)Updated Date: Thu, 26 Feb 2026 04:38:41 PM (IST)
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के समर्थन में उतरे अखिलेश यादवHighLights
- भाजपा के छापे सरकारी डकैती हैं
- दिल्ली के षड्यंत्र का होगा पर्दाफाश
- यूपी की राजनीति में तेज हुई हलचल
डिजिटल डेस्क। कैंसर से जूझ रहे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ सहित अन्य ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मुद्दे पर अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
इससे पहले योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और बसपा प्रमुख मायावती अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। ऐसे में अखिलेश यादव का बयान दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देखा जा रहा है।
भाजपा के छापे सरकारी डकैती हैं
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर आयकर छापों को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा, भाजपा के छापे सरकारी डकैती के समान हैं। भाजपा की एजेंसियां वहां पहुंच जाती हैं, जहां उन्हें धन-संपत्ति की संभावना दिखती है। ये कार्रवाई लोगों की मेहनत की कमाई को लूटने का माध्यम बन गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संवेदनहीन है और यह भी नहीं देखती कि कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी या कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है। उनके अनुसार, “भाजपा संकट की घड़ी को अवसर में बदलकर विरोधियों को निशाना बनाती है, ताकि वे प्रतिरोध न कर सकें।
2027 को लेकर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने अपने बयान में 2027 के चुनावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, जो 2047 की बात करते हैं, वे 2027 भी पार नहीं कर पाएंगे। लखनऊ हो या दिल्ली, कोई भी सत्ताइस के पार नहीं जाएगा, इसलिए अभी से संसाधन जुटाने में लगे हैं।
सपा प्रमुख ने कहा कि अब भाजपा के पारंपरिक समर्थक भी उससे दूर हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक, व्यापारी और विभिन्न सामाजिक वर्ग भाजपा की नीतियों से असंतुष्ट हैं। उनके मुताबिक, जीएसटी, भ्रष्टाचार और कथित उत्पीड़न की घटनाओं के कारण जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
दिल्ली के षड्यंत्र का होगा पर्दाफाश
अखिलेश यादव ने आयकर कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि इसके पीछे बड़े स्तर पर साजिश हो सकती है, जिसका भविष्य में खुलासा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर रूप से अस्वस्थ व्यक्ति पर ऐसी कार्रवाई मानसिक उत्पीड़न का कारण बनती है और यदि कोई अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
उन्होंने अंत में कहा कि यह कार्रवाई शर्मनाक, निंदनीय और अक्षम्य है तथा स्थानीय स्तर पर भी भाजपा समर्थक इस पर असहज महसूस कर रहे हैं।