डिजिटल डेस्क। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र-2026 शुरू हो गया। विधान भवन में विधानमंडल के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, जबकि इस दौरान विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया।
बजट सत्र के पहले दिन विपक्ष के शोर-शराबे के बीच राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने करीब 30 मिनट तक अपना अभिभाषण पढ़ा। समाजवादी पार्टी के सदस्य विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सामने नारेबाजी करते रहे और 'राज्यपाल वापस जाओ' के नारे लगाए।
छह करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया
अपने संबोधन में राज्यपाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने उत्तर प्रदेश को 'बॉटलनेक स्टेट' से 'ब्रेक-थ्रू स्टेट' के रूप में स्थापित करने में सफलता हासिल की है। 'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्प के साथ प्रदेश में लगभग छह करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है।
प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की नीति लागू
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है। नवंबर 2019 से अब तक माफियाओं के खिलाफ प्रभावी पैरवी के जरिए 35 माफिया और 94 सह-अपराधियों सहित कुल 129 लोगों को आजीवन कारावास अथवा अन्य अवधि के कारावास व अर्थदंड की सजा दिलाई गई है।
दो अपराधियों को मृत्युदंड सुनाया गया है। वर्ष 2017 से अब तक 267 अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए हैं, जबकि 977 अभियुक्तों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत निरुद्ध किया गया है। इसके अलावा माफिया अपराधियों से 4,137 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
राज्यपाल ने बताया कि 'विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश @2047' विजन डॉक्यूमेंट को तैयार करने के लिए राज्य विधानमंडल में उपयोगी चर्चा हुई है। मार्च 2017 के बाद से प्रदेश ने सुशासन, मजबूत कानून-व्यवस्था, आधारभूत ढांचे के विस्तार, निवेश, रोजगार सृजन और जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जिससे राज्य की भावी विकास यात्रा को मजबूती मिली है।
'एक जिला-एक व्यंजन' योजना को लॉन्च किया गया
उन्होंने कहा कि इस वर्ष 'उत्तर प्रदेश दिवस' पर सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन का शुभारंभ किया गया और 'एक जिला-एक व्यंजन' योजना को लॉन्च किया गया। प्रयागराज में वर्ष 2025 के महाकुंभ के दौरान लगभग 66 करोड़ श्रद्धालुओं और माघ मेला 2026 में 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान है।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की पहल का उल्लेख
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की पहल का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में दो-दो विद्यालयों को मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय और एक-एक विद्यालय को मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है।
वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में शिक्षकों के उपयोग के लिए 2 लाख 61 हजार से अधिक टैबलेट वितरित किए गए हैं। वर्ष 2025-26 में दुर्बल वर्ग के 1 लाख 40 हजार से अधिक बच्चों को निजी विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा के तहत प्रवेश दिलाया गया है।
प्रोजेक्ट अलंकार योजना के अंतर्गत विद्यालयों के जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण और सुविधाओं के विस्तार का कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत 2023-24 से 2025-26 के बीच 275 करोड़ रुपये की लागत से 590 सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों को आच्छादित किया गया है।
समाजवादी पार्टी ने जोरदार विरोध किया
राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार के कार्यकाल में महंगाई, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध किया। विपक्ष ने सरकार से चालू वित्तीय वर्ष के बजट का लेखा-जोखा भी मांगा।
विपक्ष एसआईआर (गहन सर्वेक्षण रिपोर्ट), महंगाई, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। दूसरी ओर, योगी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करने जा रही है।
इसके साथ ही यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर भी भाजपा पर विपक्ष के हमले की संभावना है। महोबा में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के अपने ही विधायक द्वारा घेराव का मामला, बिजली, पानी, सड़क और बेरोजगारी जैसे मुद्दे भी बजट सत्र के दौरान गरमाने की संभावना है।