डिजिटल डेस्क। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समय-सीमा छह मार्च तक बढ़ाए जाने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने फॉर्म-7 से प्राप्त आवेदनों के निस्तारण की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट की है। रिणवा ने बताया कि फॉर्म-7 में मिले सभी आवेदन निर्धारित नियमों के अनुसार ही निपटाए जाते हैं।
पहले नोटिस जारी किया जाता है, इसके बाद बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) द्वारा मौके पर जाकर सत्यापन किया जाता है। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सुनवाई करते हैं और फिर आवेदन पर अंतिम निर्णय लिया जाता है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के नाम को मतदाता सूची में शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज होती है, तो आपत्ति करने वाले को फॉर्म-13 और संबंधित मतदाता को फॉर्म-14 के माध्यम से नोटिस जारी किया जाता है।
छह मार्च तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 के अंतर्गत अब छह मार्च तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। फॉर्म-7 के जरिए मृत, स्थानांतरित, दोहरी प्रविष्टि या अनुपस्थित मतदाताओं से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाए रखने के लिए विलोपन (नाम हटाने) की प्रक्रिया अपनाई जाती है। फॉर्म-7 के माध्यम से प्राप्त आवेदनों के आधार पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मतदाता सूची से नाम हटाने की कार्रवाई करते हैं।
फॉर्म-7 में प्राप्त आपत्तियों की सूची निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा फॉर्म-10 में तैयार की जाती है। दावे और आपत्तियों की दैनिक सूची अधिकारी के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाती है।
सुनवाई के दौरान प्रत्येक आपत्ति की गहन जांच की जाती है
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियमावली-1960 के नियम 19 के अनुसार, आपत्तियों की सुनवाई के लिए तारीख, समय और स्थान तय कर उसकी सूचना नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जाती है तथा संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया जाता है। सुनवाई के दौरान प्रत्येक आपत्ति की गहन जांच की जाती है।
केवल व्यक्तिगत आवेदन ही मान्य होंगे
अधिकारी आपत्ति करने वाले व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर उचित साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए भी कह सकते हैं। थोक में आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, केवल व्यक्तिगत आवेदन ही मान्य होंगे।
यह नियम डाक से प्राप्त आवेदनों पर भी लागू होगा। हालांकि, परिवार का कोई एक सदस्य अपने परिवार के अन्य सदस्यों के आवेदन एक साथ जमा कर सकता है।