लखनऊ को CM योगी देंगे ग्रीन कॉरिडोर की सौगात, मिनटों में तय होगा घंटों का सफर
लखनऊवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह 28 फरवरी को बहुप्रतीक्षित ग्रीन कॉरिडोर का लोकार्पण करेंगे। ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 24 Feb 2026 03:17:25 PM (IST)Updated Date: Tue, 24 Feb 2026 03:18:57 PM (IST)
लखनऊ में अब मिनटों में तय होगा घंटों का सफर, 28 फरवरी को CM योगी देंगे ग्रीन कॉरिडोर की सौगातHighLights
- करीब 28 किलोमीटर लंबा है ग्रीन कॉरिडोर
- नए और पुराने लखनऊ के बीच की दूरी कम करेगा
- ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद
डिजिटल डेस्क। लखनऊवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह 28 फरवरी को राजधानी में गोमती नदी के किनारे विकसित हो रहे बहुप्रतीक्षित ग्रीन कॉरिडोर का लोकार्पण करेंगे। यह महत्वाकांक्षी परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने वाली साबित होगी।
ग्रीन कॉरिडोर के अंतर्गत आईआईएम रोड से डालीगंज, हनुमान सेतु, निशातगंज संकल्प वाटिका होते हुए समतामूलक चौराहे तक मार्ग निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने लोकार्पण समारोह की तैयारियां तेज कर दी हैं।
करीब 28 किलोमीटर लंबा है ग्रीन कॉरिडोर
करीब 28 किलोमीटर लंबे इस ग्रीन कॉरिडोर से शहर के विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। परियोजना के दूसरे चरण में समतामूलक चौराहे से निशातगंज के बीच लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत से तीन प्रमुख विकास कार्य पूरे किए गए हैं।
इन कार्यों में शामिल हैं:
- 45 करोड़ रुपये की लागत से 240 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा कुकरैल छह-लेन पुल।
- 40 करोड़ रुपये की लागत से कुकरैल से निशातगंज के बीच 1.10 किलोमीटर लंबा और 18 मीटर चौड़ा बंधा व सड़क निर्माण।
- 45 करोड़ रुपये की लागत से 240 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा निशातगंज छह-लेन पुल, जिसका निर्माण अंतिम चरण में है।
नए और पुराने लखनऊ के बीच की दूरी कम करेगा
हनुमान सेतु से गोमती पुल निशातगंज मार्ग तक सड़क की चौड़ाई 10 मीटर से बढ़ाकर 18 मीटर कर दी गई है। इससे निशातगंज और कुकरैल चौराहे पर यातायात का दबाव कम होगा और आवागमन अधिक सुगम बनेगा। यह ग्रीन कॉरिडोर नए और पुराने लखनऊ के बीच की दूरी को भी कम करेगा।
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ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद
परियोजना के दूसरे चरण में केजीएमयू के पास रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य जारी है, जबकि शेष मार्ग लगभग तैयार हो चुका है। साथ ही, कॉरिडोर के समानांतर हॉर्टिकल्चर और सौंदर्यीकरण का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।
आने वाले समय में तीसरे और चौथे चरण के कार्य भी आगे बढ़ाए जाएंगे। ग्रीन कॉरिडोर के शुरू होने के बाद राजधानी में ट्रैफिक जाम से राहत मिलने और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।