विदेश में भारतीय नर्सों की बढ़ती मांग, कोर्स में विदेशी भाषाएं शामिल करने की जरूरत: सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भारतीय नर्सों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में नर्सिंग पाठ्यक्रमों मे ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 22 Mar 2026 04:04:21 PM (IST)Updated Date: Sun, 22 Mar 2026 04:05:24 PM (IST)
HighLights
- जापान, जर्मनी और कोरिया में पेशेवरों की भारी मांग
- नर्सिंगक्षेत्र में 100 प्रतिशत रोजगार की संभावना
- नौ लाख से अधिक लोगों को सरकारी नौकरियां दी गई
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भारतीय नर्सों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में नर्सिंग पाठ्यक्रमों में विदेशी भाषाओं को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने यह बात लोकभवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही, जहां 1,228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। नियुक्ति पाने वालों में 1,097 महिलाएं और 131 पुरुष शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने नवरात्रि के मौके पर इसे नारी स्वावलंबन का प्रतीक बताया।
जापान, जर्मनी और कोरिया में भारतीय नर्सिंग पेशेवरों की भारी मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान, जर्मनी और कोरिया जैसे देशों में भारतीय नर्सिंग पेशेवरों की भारी मांग है। इसे ध्यान में रखते हुए बीएससी नर्सिंग और एएनएम जैसे पाठ्यक्रमों में अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का ज्ञान आवश्यक किया जाना चाहिए।
नर्सिंग ऐसा क्षेत्र है, जहां 100 प्रतिशत रोजगार की संभावना रहती है
उन्होंने नर्सिंग पेशे को सेवा और संवेदना से जुड़ा बताते हुए कहा कि जब यह भावना मरीजों के साथ जुड़ती है, तो सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि नर्सिंग ऐसा क्षेत्र है, जहां 100 प्रतिशत रोजगार की संभावना रहती है।
नौ लाख से अधिक लोगों को सरकारी नौकरियां दी गई
सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में राज्य में नौ लाख से अधिक लोगों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को मजबूत किया गया है और अब लगभग हर जिले में मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 35 एएनएम प्रशिक्षण केंद्रों को पुनः संचालित किया गया है और 31 नए नर्सिंग कॉलेजों का निर्माण जारी है। इसके अलावा 976 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को टेलीमेडिसिन सेवाओं से जोड़ा गया है।
मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है और उत्तर प्रदेश अब राष्ट्रीय औसत के करीब पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के तहत करीब सवा नौ करोड़ लाभार्थी जुड़े हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में एमबीबीएस सीटों की संख्या 5,390 से बढ़कर 12,000 से अधिक हो गई है, जबकि पीजी सीटें 1,221 से बढ़कर 5,056 तक पहुंच चुकी हैं।