
डिजिटल डेस्क, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के सहारे वकालत करने के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। अलग-अलग विश्वविद्यालयों की कथित फर्जी डिग्री और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रैक्टिस कर रहे 100 अधिवक्ताओं के खिलाफ अब तक एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। नामजद आरोपी प्रदेश के अलग-अलग जिलों के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
इन सभी मामलों में प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सचिव आरके शुक्ला की तहरीर पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने मामलों की विवेचना शुरू कर दी है और आरोपों से जुड़े दस्तावेज व अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल एक याचिका में पारित आदेश से जुड़ा है। 3 जून 2026 को हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में पंजीकृत जिन अधिवक्ताओं की शैक्षणिक डिग्री बार काउंसिल ऑफ इंडिया सर्टिफिकेट एंड प्लेस आफ प्रैक्टिस वेरीफिकेशन नियम 2015 के तहत सत्यापन में फर्जी पाई गई है, उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए।
इसके बाद बार काउंसिल की ओर से सत्यापन में फर्जी पाए गए दस्तावेजों के आधार पर संबंधित अधिवक्ताओं के खिलाफ पुलिस को लिखित शिकायतें दी गईं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सचिव आरके शुक्ला के मुताबिक, जांच के दौरान केवल कानून की डिग्रियों में ही गड़बड़ी नहीं मिली है। कुछ मामलों में अधिवक्ताओं की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट भी फर्जी पाई गई है। बार काउंसिल के रिकॉर्ड के मुताबिक प्रदेश में करीब 4.5 लाख अधिवक्ता पंजीकृत हैं।
इनमें लगभग 2.5 लाख अधिवक्ताओं को सीओपी (Certificate of Practice) नंबर जारी किया गया है। सीओपी नंबर वाले अधिवक्ताओं के शैक्षणिक अभिलेखों के सत्यापन के दौरान कई डिग्री और मार्कशीट संदिग्ध अथवा फर्जी पाए जाने की बात सामने आई है।
सिविल लाइंस के इंस्पेक्टर रामाश्रय यादव के मुताबिक, फर्जी डिग्री के आरोप में अब तक 100 अधिवक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। सभी मामलों की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सत्यापन के दौरान सामने आए दस्तावेजों की जांच के साथ संबंधित विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों से भी रिकॉर्ड का मिलान कर सकती है।
जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आरोपित अधिवक्ताओं के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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